भारतीय अर्थव्यवस्था क्रमिक सुधार के रास्ते पर, कारात्मक हो सकती है GDP वृद्धिः IMF

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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने विश्व बैंक के साथ अगले महीने होने वाली बैठक से पहले कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था क्रमिक सुधार के रास्ते पर है। आईएमएफ के प्रवक्ता गेरी राइस ने गुरुवार को कहा, “भारतीय अर्थव्यवस्था क्रमिक सुधार की राह पर है और 2020 की चौथी तिमाही में वास्तविक जीडीपी वृद्धि फिर से सकारात्मक हो सकती है। ऐसा महामारी की शुरुआत के बाद पहली बार होगा और यह सकल, स्थिर पूंजी निर्माण में बढ़ोतरी द्वारा समर्थित है।”

राइस ने कहा, ‘‘इसके अलावा, इस साल की पहली तिमाही में पीएमआई व्यापार और गतिशीलता सहित उच्च आवृत्ति संकेतक लगातार सुधार के संकेत दे रहे हैं। हालांकि, हाल में आए वेरिएंट और स्थानीय स्तर पर लागू होने वाले लॉकडाउन के चलते जोखिम भी पैदा हुए हैं।” आईएमएफ छह अप्रैल को अपना विश्व आर्थिक परिदृश्य जारी करने वाला है।

मालूम हो कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कर्ज में डूबे पाकिस्तान को 50 करोड़ डॉलर का कर्ज देने को मंजूरी दे दी है। पाक अखबार डॉन ने आईएमएफ के अधिकारियों के हवाले से बताया कि पाक को आने वाले समय में दी जाने वाली यह रकम पहले मंजूर किए गए कर्ज की तीसरी किश्त के तौर पर दी जाएगी। पाकिस्तान को छह अरब डॉलर के ऋण कार्यक्रम की समीक्षा करने के बाद ये फैसला आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड ने लिया है। हालांकि समीक्षा कई बार टाले जाने के बाद अब जाकर पूरी हुई है। आईएमएफ ने कहा है कि इस कार्यक्रम को जुलाई 2019 में मंजूरी मिली थी।

इससे पहले मूडीज एनालिटिक्स ने यह अनुमान लगाया था कि देश की अर्थव्यवस्था 2021 के कैलेंडर वर्ष में 12 फीसदी की वृद्धि दर्ज करेगी। मूडीज ने कहा था कि पिछले साल 7.1 फीसदी की गिरावट के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था की निकट भविष्य की संभावनाएं अधिक अनुकूल हो गई हैं। दिसंबर 2020 को समाप्त तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 0.4 फीसदी रही है। यह प्रदर्शन उम्मीद से कहीं बेहतर है। इससे पिछली तिमाही में अर्थव्यवस्था में 7.5 फीसदी की गिरावट आई थी। मूडीज ने कहा कि अंकुशों में ढील के बाद देश और विदेश की मांग सुधरी है। इससे हालिया महीनों में विनिर्माण उत्पादन बढ़ा है।