कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने आज संकेत दिया कि आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं करेगी। साथ ही उन्होंने इन दावों को खारिज किया कि भाजपा की ओर से इस पद के लिए नरेन्द्र मोदी को पेश किया जाना कांग्रेस के लिए चुनौती है।
हालांकि उन्होंने यह भी नहीं कहा कि अगर पार्टी अगले साल होने वाले आम चुनाव में भी जीतती है, तो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एक बार फिर इस सर्वोच्च पद के उम्मीदवार होंगे।
सिंह ने एक साक्षात्कार में कहा, हमारे यहां राष्ट्रपति शासन की प्रणाली नहीं है। कांग्रेस पार्टी चुनाव से पहले न तो मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करती है और न ही प्रधानमंत्री का। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भी हमने मुख्यमंत्री पद का कोई उम्मीदवार घोषित नहीं किया था।
उसने पूछा गया था कि कांग्रेस राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश करने को लेकर संकोच में क्यों है और उसकी ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा।
सिंह ने इस बात के भी संकेत दिए कि कांग्रेस को आगामी आम चुनाव के बाद वाम दलों का साथ रिश्ता जोड़ने से कोई गुरेज नहीं है और कहा कि मोदी के आगमन से मतों का सांप्रदायिक ध्रुवीकरण होगा।
जब उनसे प्रधानमंत्री पद के लिए भाजपा का उम्मीदवार घोषित किए जाने से महज एक कदम दूर पार्टी के प्रचार अभियान के प्रमुख नरेंद्र मोदी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, हमें इससे फर्क नहीं पड़ता। यह मामला हमारा नहीं है। भाजपा अपने फैसले लेने को स्वतंत्र है। हम विचारधारा की राजनीति करते हैं, व्यक्तित्व की नहीं। कांग्रेस पार्टी ध्रुवीकरण की राजनीति में यकीन नहीं करती।