देश में कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए देश में लॉकडाउन लागू है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल सुबह 10 बजे देश को संबोधित करेंगे। इस दौरान लॉकडाउन को लेकर फैसला आ सकता है। बता दें कि 21 दिनों के लिए जो लॉकडाउन लागू किया गया था उसकी अवधि 14 अप्रैल को खत्म होने वाली है और लॉकडाउन का बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है।
इस बीच 14 अप्रैल को खत्म होने वाले देशव्यापी लॉकडॉउन से पहले ही सरकार ने कुछ उद्योंगों को फिर से पटरी पर लौटने की मंजूरी दी है। कोरोना के बढ़ते हुए मामले को देखते हुए देश भर की एक ही राय है कि लॉकडाउन को बढ़ाना चाहिए। इसके साथ ही ठप पड़े औद्योगिक को भी पहिए पर लाने की बातें हो रही है।
बता दें कि एक दिन अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने आवश्यक शर्तों के साथ कुछ उद्योगों को छूट देने की बात कही थी। वहीं केंद्रीय मंत्रियों ने भी PM मोदी को लॉकडाउन में उद्योगों को आंशिक रुप से छूट देने का सुझाव दिया था। इन सभी विचारों को ध्यान देते हुए और संबंधित विभागों के सुझाव पर सरकार ने 15 तरह के उद्योगों को छूट दी है। ये उद्योग न्यूनतम कर्मचारियों के साथ एक शिफ्ट में काम शुरु कर सकते हैं।
गृह मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी
एक समाचार एजेंसी के मुताबिक, उद्योग मंत्रालय ने गृह मंत्रालय को 15 ऐसे Industries की लिस्ट सौंपी है, जिन्हें काम की परमिशन देनी चाहिए। इसी के आधार पर गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को निर्देश जारी किया है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक में एक नया मंत्र दिया, ‘जान भी और जहान भी’। इससे पहले जब PM मोदी ने जब उन्होंने लॉकडाउन की घोषणा की थी तो साफ कहा था कि ‘जान है तो जहान है।’ इसी तर्ज पर केंद्रीय मंत्रियों ने अपनी राय दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ दिन पहले ही कैबिनेट सहयोगियों के साथ बैठक में कहा था कि वे समीक्षा करें कि लॉकडाउन से धीरे-धीरे कैसे बाहर आया जा सकता है। उन्होंने इस दौरान उन औद्योगिक गतिविधियों की पहचान करने के लिए भी कहा था, जो शुरु की जा सकें।
सड़क निर्माण कार्य से लेकर ये उद्योग हो सकते हैं शुरू
इसके बाद कैबिनेट मंत्रियों ने सुझाव दिया है कि सड़क निर्माण, आवश्यक वस्तुओं के निर्माण से जुड़े उद्योगों को पहले चरण में उत्पादन शुरू करने की अनुमति दी जा सकती है। इसके अलावा उन उद्योग को भी मंजूरी दी जा सकती है, जो कोरोना के प्रसार से बचते हुए औद्योगिक गतिविधि को शुरू करने का ब्लू प्रिंट देता है। लेकिन उन्हें इस बात को बताना होगा कि इस बीमारी से बचने और किसी संक्रमण की स्थिति में इलाज के लिए क्या प्रबंध उपलब्ध हैं।
वहीं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क निर्माण के कार्य को शुरू करने की पैरवी की है। इसे लेकर उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक भी की है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव के तमाम उपाय के साथ सड़कों का निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है। हालांकि सभी को कड़े नियमों का पालन करना होगा।
कामगारों को लेकर क्या है प्लान
इसमें एक समस्या कामगारों को लेकर भी आएगी। क्योंकि सड़क निर्माण के लिए ज्यादातर कामगार दूर के राज्यों से आते हैं और उनमें से काफी अपने गांव वापस जा चुके हैं। जबकि कुछ श्रमिक अलग-अलग कैंपों में रह रहे जिला अधिकारियों से बात कर इनकी उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा सकती है।
सरकार ने जिन उद्योगों को कार्य करने की अनुमति दी है, उनमें- ऑप्टिक फाइबर केबल, कंप्रेसर एंड कंडेंसर इकाइयां, इस्पात और फेरस एलॉय मिल, उर्वरक, पेंट, प्लास्टिक, वाहन इकाइयां, रत्न एवं आभूषण, पावरलूम, पल्प और कागज इकाइयां तथा सेज एवं निर्यात से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा सरकार ने ट्रांसफॉर्मर एवं सर्किट व्हीकल, टेलीकॉम इक्विपमेंट व कंपोनेंट और खाद्य एवं पेय पदार्थो से जुड़े उद्योग को भी काम छूट दे दी है।