सबसे सर्द दिन… शाम भी सुबह जैसी

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रतलाम। उत्तर भारत से आ रही सर्द हवा से पूरा शहर ठिठुर रहा है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री गिरा और 5.2 डिग्री पर पहुंच गया। यह इस सीजन के साथ पांच साल का सबसे कम तापमान है। दिनभर शीतलहर चलती रही और लोग ठिठुरते रहे। गुरुवार को शहर का न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री था।
शीतलहर के कारण शुक्रवार को इसमें 0.9 डिग्री की गिरावट आई और यह 5.2 डिग्री पर पहुंच गया है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 23.6 डिग्री दर्ज किया गया। गुरुवार को यह 23.9 डिग्री था। सर्दी बढ़ने के साथ धुंध भी बढ़ गई। इसका असर दोपहर से ही शुरू होने लगा। शाम 5.30 बजे निकला पूर्णिमा का चंद्रमा लालिमा लिए था। उज्जैन वेधशाला के खगोलविद् राजेंद्र गुप्त के अनुसार ऐसा धुंध व आसपास के सोडियम लैंप की रोशनी से हुआ। 

3 दिन बाद बढ़ेगा तापमान

मौसम वैज्ञानिक डी. पी. दुबे ने बताया हिमाचल व कश्मीर में बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है। दो-तीन दिन बाद दिन व रात का तापमान थोड़ा बढ़ सकता है। दिन के तापमान में विशेष अंतर नहीं आएगा। नए साल में फिर कड़ाके की ठंड पड़ने के अासार हैं।

बिजली की भी बचत

ठंड के चलते बिजली खपत कम हो गई है। सिंचाई नहीं होने से बिजली बच रही है। जिले में पहले जहां 30 लाख यूनिट रोज की खपत थी, वह घटकर 25 लाख यूनिट हो गई। लोगों को भी फायदा है और इनका बिल भी कम आएगा।

सर्दी-जुकाम के मरीज बढ़े

ठंड बढ़ने से सर्दी-जुकाम के मरीज भी बढ़ गए। जिला अस्पताल में रोजाना 600 से 650 मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें 400 से 450 मरीज सर्दी-जुकाम के हैं। बाल अस्पताल में रोजाना 350 से 400 मरीज आ रहे हैं। इसमें से 250 बच्चे सर्दी, जुकाम से पीड़ित हैं।

गेहूं-चने को फायदा

तापमान गिरने से ज्यादा फायदा गेहूं व चने की फसल को होगा। सिंचाई नहीं करना पड़ रही है। पौधों की ग्रोथ तेजी से हो रही है। आत्मा के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आर. एस. गुप्ता ने बताया गेहूं की फसल के लिए कम तापमान रहना जरूरी है।