रतलाम-डूंगरपुर रेल लाइन का काम 2011-12 में शुरू हुआ था। देरी व जमीन अधिग्रहण नहीं होने से मध्यप्रदेश के हिस्से में कोई काम नहीं हो सका। काम 2017 तक पूरा होना था। देरी के कारण प्रोजेक्ट की लागत बढ़ गई और शुरुआती लागत 2082.74 करोड़ से बढ़कर 4 हजार करोड़ रुपए हो गई। हाल ही में कुछ माह पूर्व सैलाना क्षेत्र में मुआवजा वितरण पूरा होने के बाद काम में गति आई। बेड़दा व शिवगढ़ के आसपास जमीन अधिग्रहीत होने के बाद अर्थवर्क (जमीन की लेवलिंग) का कार्य शुरू कर दिया। अर्थवर्क के बाद टनल, ब्रिज सहित अन्य कार्य किए जाएंगे।
19 स्टेशन रहेंगे
रतलाम-डूंगरपुर लाइन मोरवनी से शुरू होकर राजपुरा, पलसोड़ी, शिवगढ़, बेड़दा होते हुए छोटी सरवन जाएगी। रतलाम-डूंगरपुर के बीच 19 स्टेशन होंगे। मप्र सीमा में 3-4 स्टेशन प्रस्तावित हैं। शिवगढ़ में स्टेशन बनना है।
टनल भी बनेगी
रतलाम से छोटी सरवन के बीच दो टनल बनेगी। एक सांकर पाटली व दूसरी घोड़ापल्ला के समीप बयाटोंक में बनेगी। दोनों बेड़दा के समीप है। टनल के लिए बोरिंग का काम शुरू हो चुका है। वन विभाग ने परमिशन दे दी है।
49 किमी में होना है कार्य
रतलाम से छोटी सरवन तक 49 किमी के मध्यप्रदेश के हिस्से में कोई कार्य होना है। इसमें बेड़दा और शिवगढ़ के आसपास कार्य शुरू हो चुका है। शिवगढ़ के आगे मोरवनी तक के 10 किमी में काम शुरू नहीं हुआ है।
150 छोटे बड़े ब्रिज बनेंगे
प्रोजेक्ट में रतलाम से डूंगरपुर के बीच करीब 150 छोटे बड़े ब्रिज बनना प्रस्तावित है। एक जगह लाइन रतलाम-शिवगढ़ मार्ग को भी क्रॉस करके पलसोड़ी जाएगी। यहां रेलवे ओवरब्रिज बनाया जाएगा।
2011-12 में शुरू हुआ था।
2017 तक पूरा होना था।
2082.74 करोड़ थी शुरुआती लागत
4 हजार करोड़ रुपए हो गई लेटलतीफी के कारण
49 किमी मध्यप्रदेश के हिस्से में हाेगा कार्य
10 किमी हिस्से में काम शुरू नहीं
175.56 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित मप्र सीमा में
150 छोटे बड़े ब्रिज बनेंगे
19 स्टेशन रहेंगे रतलाम से डूंगरपुर तक
प्रोजेक्ट एक नजर में 18 करोड़ मुआवजा बाकी
मप्र में 175.56 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत होना है। 14 गांवों में भूमि अधिग्रहीत हो चुकी है। रेलवे 20 करोड़ मुआवजा दे चुकी है। 18 करोड़ रतलाम तहसील में बांटना है। प्रोजेक्ट में 50-50 फासदी राशि केंद्र व राजस्थान सरकार को देना है। राजस्थान द्वारा राशि नहीं देने से मुआवजा वितरण में देरी हो रही है।
राजपुरा से लाइन के तीन हिस्से
शिवगढ़ से राजपुरा आकर लाइन तीन हिस्से में बंटेगी। राजपुरा में कैबिन बनाया जाएगा। यहां से एक लाइन रतलाम, एक मोरवनी व एक आरके नगर जाएगी। आरके नगर वाली लाइन दिल्ली-मुंबई लाइन को क्रॉस करेगी।
रतलाम-डूंगरपुर वाया बांसवाड़ा रेल परियोजना ने अब गति पकड़ी है। शुरुआत में शिवगढ़ से सैलाना रोड के समीप अर्थवर्क शुरू हो गया है।