इस सीजन की सबसे सर्द रात, पारा 2.6 डिग्री लुढ़का

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बुधवार-गुरुवार की रात सीजन की सबसे सर्द रात रही। तापमान 5.0 डिग्री पर पहुंच गया। तीन साल में पहली बार तापमान इतना कम हुआ। इससे पहले 2013 में सबसे कम तापमान 21 जनवरी को ही 4 डिग्री दर्ज किया था। कड़ाके की ठंड से जनजीवन प्रभावित होने लगा है।

उत्तर भारत की सर्द हवा से शहर शीतलहर की चपेट में हैं। कड़ाके की ठंड पड़ रही है। गुरुवार को न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री लुढ़ककर 5.0 डिग्री पर पहुंच गया। बुधवार को 7.6 डिग्री दर्ज किया था। गुरुवार को दिन में धूप तो निकली लेकिन ठंड से राहत नहीं मिली। ठंडी हवा लोगों को कंपकंपाती रही। हालांकि दिन का तापमान 0.5 डिग्री उछलकर 24.1 डिग्री पर पहुंच गया। बुधवार को 23.6 डिग्री पर था। मौसम केंद्र भोपाल के निदेशक डॉ. अनुपम काश्यपि का कहना है रात के तापमान में कमी रहेगी।। दो-तीन दिन और ऐसी ही ठंड रहने के आसार हैं। हालांकि कोहरे का असर कम होगा और दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी रहेगी।

जनवरी में 2013 के बाद सबसे कम

पिछले 6 वर्षों में जनवरी में सबसे कम तापमान 2011 मेंं 6 जनवरी को 3.2 डिग्री दर्ज किया गया था। इसके बाद 2013 में 21 जनवरी को पारा 4 डिग्री दर्ज किया गया था।

सीजन में सबसे कम तापमान वाले चार दिन

दिनांक अधिक न्यून

21 जनवरी 24.1 5.0

24 दिसंबर 23.9 6.1

25 दिसंबर 23.6 5.2

26 दिसंबर 26.2 5.2

कम रहा कोहरा

रात में ठंड का असर गुरुवार सुबह दिखा। दूध वाले सुबह 7 की जगह 8 बजे तक पहुंचे सब्जी के ठेले वाले सुबह 10 बजे बाद कॉलोनियों में फेरी लगाने निकले। स्कूलों का समय सुबह 10 बजे बाद का होने के बावजूद नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी के बच्चों की संख्या आम दिनों की तुलना में कम रही। कोहरा बुधवार की तुलना में कम रहा।

धुआं कर हल्की सिंचाई करें

तापमान कम होने से फसलों पर असर की संभावना बढ़ गई है। कृषि विज्ञान केंद्र कालूखेड़ा के वैज्ञानिक एस.बी. शर्मा के अनुसार किसानों को पाले व कोहरे का असर कम करने खेत के चारों ओर धुआं करना चाहिए। साथ ही जिनके पास साधन हैं वे स्प्रिंकलर से हल्की सिंचाई कर सकते हैं।

स्कूल शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के आदेश के चलते गुरुवार सुबह 10 बजे बाद स्कूल खोलने के आदेश का पालन किया गया। इससे प्राइमरी के स्कूल दोपहर में लगे। इस दौरान बच्चे कुछ ऐसे स्कूल पहुंचे। फोटो राकेश पोरवाल।

ये रखें सावधानियां

बच्चे: सुबह व शाम अकारण उन्हें घर से बाहर न निकालें। दोपहर की धूप में आधे से एक घंटे तक घुमाएं। ठंडी चीजों से परहेज रखें। गाड़ियों पर बच्चों को आगे न बिठाएं।

हार्टपैशेंट : ठंड से बचाव करें। अधिक ठंड के समय ज्यादा बाहर न निकलें।

बुजुर्गों: सांस में तकलीफ हो सकती है। बाहर ज्यादा न घूमें, ज्यादा सफर न करें। ऊनी कपड़े ज्यादा पहनें।