आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से पीएसएलवी C-23 रॉकेट सोमवार सुबह 9:52 पर लॉन्च हो गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में सतीश धवन स्पेस सेंटर से यह रॉकेट लॉन्च किया गया. यह रॉकेट चार देशों के पांच सैटेलाइट अपने साथ लेकर अंतरिक्ष रवाना हुआ है. ये देश हैं- फ्रांस, कनाडा, जर्मनी और सिंगापुर.
इसरो ने बताया कि प्रक्षेपण कार्यक्रम पहले सुबह 9.49 पर तय किया गया था, लेकिन अंतरिक्ष में मलबों के मूवमेंट की वजह से इसमें तीन मिनट की देरी हुई. लॉन्चिंग के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंग्रेजी में भाषण दिया.
उपनिषदों से उपग्रह तक आया है भारत: PM
नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘हमने चार देशों के पांच उपग्रहों को पृथ्वी से 650 किलोमीटर ऊपर ऑर्बिट में स्थापित कर दिया है. हर भारतीय के लिए यह गर्व की बात है. संतोष का भाव मैं आपके चेहरे पर देख सकता हूं. हमने सभी विकसित देशों के सैटेलाइट लॉन्च किए हैं. यह इस बात का सबूत है कि अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की वैश्विक पहचान बनी है और वह आत्मनिर्भर हुआ है.’
प्रधानमंत्री ने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि भारत उपनिषदों से उपग्रहों तक आया है और इसका श्रेय वैज्ञानिकों को जाता है. उन्होंने कहा, ‘हमारे मार्स मिशन का बजट हॉलीवुड फिल्म ‘ग्रैविटी’ से भी कम है.’
रविवार को ही श्रीहरिकोटा पहुंच गए थे मोदी
गौरतलब है कि मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद यह भारत का पहली अंतरिक्ष लॉन्चिंग हैं. इसके लिए मोदी रविवार को ही श्रीहरिकोटा पहुंच गए थे. उन्होंने रविवार को ही लॉन्च पैड का दौरा किया था जहां वैज्ञानिकों ने उन्हें मिशन की जानकारी दी थी. मोदी के साथ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह भी थे. इससे पहले इसरो प्रमुख के राधाकृष्णन ने प्रधानमंत्री को देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी थी.
श्रीहरिकोटा पहुंचने के बाद मोदी ने ट्विटर पर लिखा था, ‘रविवार शाम और सोमवार सुबह श्रीहरिकोटा में रहूंगा और PSLV-C23 की लॉन्चिंग का गवाह बनूंगा. इसके अलावा मैं वैज्ञानिकों से भी मुलाकात करूंगा. हमारी सरकार अंतरिक्ष कार्यक्रम को प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है.’