बाबा साहब अम्बेडकर ऐसे महामानव थे जिनका दिल हर शोषित और पीड़ित के लिये धड़कता था – मुख्यमंत्री श्री चौहान

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इमालवा.कॉम – भोपाल | मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि बाबा साहब अम्बेडकर ऐसे महामानव थे जिनका दिल हर शोषित और पीड़ित के लिये धड़कता था। उन्होंने संविधान के माध्यम से सामाजिक न्याय को जमीन पर उतारने का काम किया था। वे हमारे संविधान निर्माता होने के साथ-साथ महान समाजसुधारक, अर्थशास्त्री और उच्च कोटि के विद्वान थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ ‘दिल से’ कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे।

श्री चौहान ने कहा कि बाबा साहब अम्बेडकर महिला समानता के पक्षधर थे। प्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी से लेकर अनेक योजनाओं के माध्यम से महिला समानता के लिये कदम उठाये गये हैं। प्रदेश में एक लाख नई नौकरियों में भर्ती होगी। इसमें शिक्षकों के पदों में महिलाओं के लिये 50 प्रतिशत आरक्षण रहेगा। बाकि भर्तियों में भी महिलाओं के लिये आरक्षण रहेगा। महिला स्व-सहायता समूहों को और सशक्त बनाया जा रहा है। प्रदेश में कर्मचारी कल्याण के लिये संविदा व्यवस्था को समाप्त करने का निर्णय लिया है। इसके लिये नई नीति बनाई जा रही है। अध्यापकों और शिक्षकों की सेवा शर्तों और मानदेय को सम्मानजनक बनाया गया है। प्रदेश में केन्द्र के समान महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। प्रदेश में सातवें वेतनमान को लागू किया गया है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से अपील की कि अधिकारों के साथ कर्त्तव्यों पर भी ध्यान दें तथा प्रदेश को बेहतर बनाने के लिये काम करें।

कोई क्षेत्र बाबा साहब के चिंतन से अछूता नहीं

इसके पहले मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बाबा साहब ने उद्योगों में महिला और पुरूषों के लिये समान वेतन और महिलाओं के लिये प्रसूति लाभ का प्रावधान करवाया था। कारखानों में काम के घंटे बारह से घटाकर आठ करवाये थे। उन्होंने महिलाओं की गरिमा लौटाने और तलाक, सम्‍पत्ति, उत्‍तराधिकार, विवाह में समान अधिकार दि‍लाने के लिए संघर्ष किया था। महिलाओं को समान मतदान का अधिकार दि‍लाने में भी उनकी महत्‍वपूर्ण भूमिका थी। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की स्‍थापना के पीछे उन्‍हीं का विचार था। नोबेल पुरस्‍कार विजेता महान अर्थशास्‍त्री डॉ. अमर्त्‍य सेन ने कहा था कि डॉ. अम्‍बेड़कर अर्थशास्‍त्र में मेरे पिता है। भारत में बहुउद्देश्यीय नदी घाटी परियोजनाओं की अवधारणा लागू करने में डॉ. अम्‍बेड़कर की भूमिका प्रमुख रही है। भारत की पहली बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना दामोदर घाटी परियोजना है। यह बाबा साहब के ही प्रयासों से शुरू हो सकी। भारत की सबसे बड़ी परियोजना भाकड़ा नांगल और भारत का सबसे बड़ा बांध हीराकुंड भी उन्‍हीं की देन है। भारत के सामाजिक, आर्थिक, कृषि और औद्योगिक विकास के लिए उनका व्यापक चिन्तन उनके द्वारा रचित पुस्तकों में देखने‍ को मिलता है। राष्ट्र निर्माण, विदेश नीति निर्धारण, सामाजिक सुरक्षा, श्रमिक कल्याण सहित ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जो बाबा साहब के चिन्तन से अछूता हो।

कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के शैक्षणिक उत्थान के अनेक कदम

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बाबा साहब अम्बेडकर दीनदयाल उपाध्याय, महात्मा गांधी, राममनोहर लोहिया सबकी सोच एक ही थी कि गरीब और सबसे पिछड़ों को कैसे आगे बढ़ाया जाये। संविधान में इनके लिये विशेष प्रावधान किये गये हैं। प्रदेश में सामाजिक समरसता के साथ इन वर्गों को आगे बढ़ाया जाना है। शिक्षा के क्षेत्र में कई कदम उठाये गये हैं। कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिये आश्रम छात्रावास और ज्ञानोदय विद्यालय खोले जा रहे हैं। निजी महाविद्यालयों में पढ़ने वाले कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों की फीस भी राज्य सरकार भरेगी। महाविद्यालय में पढ़ने वाले इन वर्गों के विद्यालयों के लिये छात्र गृह योजना भी शुरू की गयी है। इन वर्गों के पचास विद्यार्थियों को विश्वविद्यालयीन शिक्षा के लिये हर वर्ष विदेश भेजते हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने महात्मा ज्योति बा फुले जयंती, वल्लभाचार्य जयंती, सेन जयंती, भगवान परशुराम जयंती, शंकराचार्य जयंती, रामानुजाचार्य जयंती और बुद्ध पूर्णिमा का उल्लेख भी किया। उन्होंने हाल ही में प्रदेश के लिये उपलब्धियाँ हासिल करने वाले खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने माय गॉव एप पर आये सुझावों की चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी जिला चिकित्सालयों मे सीटी स्केन मशीन लगायी जायेगी। शासकीय कल्याणकारी योजनाओं को देने के लिये सोशल मीडिया के उपयोग को बढ़ाया जायेगा।