PM ने कहा कि 2006 के बाद ये बैठक नहीं हो पाई, लेकिन मुझे खुशी है कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह जी ने इस प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का प्रयास किया.
इसके बाद उन्होंने कहा कि देश में ऐसे मौके कम ही आते हैं जब देश का मुखिया और राज्यों के मुखिया साथ आकर कोई काम करें. लेकिन विकास तभी संभव है जब सभी राज्य और केंद्र सरकार मिलकर काम करें.
वाजपेयी-विवेकानंद को किया याद
पीएम मोदी ने बैठक के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद कर कहा कि ‘वाजपेयी जी कहते थे कि भारत जैसे बड़े देशों में वाद-विवाद, बहस योजनाओं को प्रभावित करती हैं.’ इसके बाद पीएम ने कहा कि स्वामी विवेकानंद कहते थे कि शिक्षा का मकसद है चरित्र का निर्माण, अपनी बौद्धिक शक्ति को बढ़ाना, ताकि खुद के पैरों पर खड़ा हुआ जा सके.
आंतरिक सुरक्षा पर चर्चा
पीएम मोदी ने बैठक में कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए चुनौतियों और उनसे कैसे निपट सकते हैं, कैसे एक-दूसरे का सहयोग कर सकते हैं. इस पर आज चर्चा होनी चाहिए. मोदी बोले की आंतरिक सुरक्षा को तब तक मजबूत नहीं किया जा सकता, जब तक इंटेलिजेंस शेयरिंग पर फोकस न हो. मोदी बोले की हर समय अलर्ट और अपडेटेड रहने की जरूरत है.