नई दिल्ली: दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में कई दिनों से लापता छात्र नजीब अहमद को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। छात्रों के घेराव की वजह से जेएनयू के वीसी और स्टाफ अभी तक एडिमन ब्लॉक में फंसे हुए हैं। वीसी ने बाहर आकर छात्रों और मीडिया से बात करने की कोशिश की लेकिन विरोध प्रदर्शन की वजह से वे ऐसा नहीं कर पाए। उन्होंने बस छात्रों के सामने एक रिक्वेस्ट नोट पढ़ा। ताकि उन लोगों को जाने दिया जाए जिनकी सेहत बिगड़ रही है।
10 लोगों को बनाया बंधक
जेएनयू वीसी ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि छात्रों ने उनके साथ धक्कामुक्की की। वे समझाने के बावजूद नहीं माने। कल रात से छात्रों ने 10 लोगों को बंधक बनाया हुआ है। बता दें कि छात्र नजीब का बीते 6 दिनों से कुछ पता नहीं लग सका है, जिससे गुस्साए छात्रों ने एडमिन ब्लॉक को घेर लिया है। इस मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली पुलिस के कमिश्नर से बात की और मामले पर पूरा ब्रीफ लिया।
राजनीति कर रहे हैं कुछ लोग
वहीं गृहराज्य मंत्री किरन रिजिजू ने वीसी और दूसरे अधिकारियों को बंधक बनाए जाने को गलत करार दिया है। रिजिजू ने कहा कि कुछ लोग पढ़ाई नहीं राजनीति कर रहे हैं। जेएनयू का माहौल खराब किया जा रहा है। पुलिस कानून के हिसाब से ही काम करेगी। अभी जेएनयू प्रशासन को अपना काम करना है।
लापता होने से पहले हुआ था झगड़ा
गौरतलब हो कि स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी का छात्र नजीब अहमद शनिवार से कथित तौर पर लापता है। उसके लापता होने से एक रात पहले कैंपस में उसका झगड़ा हुआ था। विश्वविद्यालय के कुलपति एम जगदीश कुमार और अन्य शीर्ष अधिकारियों ने 15 अक्तूबर की दोपहर को अहमद के गुम होने के बाद पहली बार मीडिया को बताया कि लड़के का पता लगाने के लिए सारे कदम उठाए गए हैं और वह लड़के के परिवार के संपर्क में भी हैं।