केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की कॉमन रिव्यू मिशन टीम शनिवार को जिले में आएगी। टीम पांच दिन तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पड़ताल करेगी, खासकर एनएचएम के माध्यम से संचालित स्वास्थ्य सुविधाओं की। इसमें नीति आयोग के सदस्य सहित करीब 8 सदस्य रहेंगे। इसके लिए जिले में एक महीने से तैयारी चल रही है। आखिरी दिन भी पुताई और पोस्टर लगाने तक का काम चला। एनएचएम से जुड़ी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन नहीं होने से जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की

बजट वेतन बांटने में चला जाता है

सीएमएचओ डॉ. वंदना खरे ने बताया एनएचएम ने इस साल 22 करोड़ रुपए बजट दिया। अधिकांश बजट कर्मचारियों को वेतन बांटने में ही चला जाता है। स्वास्थ्य सुविधाएं देने का पूरा प्रयास किया है। जहां कमी है, दूर करेंगे।

ये दिक्कतें भी

1.जिले में पांच पीएचसी हैं। डॉक्टरों के पद स्वीकृत होने के बावजूद चार में पांच साल से डॉक्टर नहीं हैं। इसमें मावता, पंचेवा, कालूखेड़ा और बर्डियागोयल शामिल हैं।

2. जिले में एक्स-रे व एमआरआई देखने के लिए रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। पद तीन साल से खाली है।

3.सिविल अस्पताल आलोट, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बाजना, पिपलौैदा, ताल व खारवाकलां में स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। प्रसूति स्टाफ नर्स कराती हैं।

ये योजनाएं और इनकी स्थिति

योजना: परिवार नियोजन

स्थिति: इस साल का टारगेट 12 हजार का है। अभी तक 3204 नसबंदी हुईं। पुरुष महज 38 हैं।

योजना: मलेरिया व डेंगू नियंत्रण

स्थिति: अब तक जिले में डेंगू 13 मरीज मिले हैं। एलाइजा रीडर तक डेढ़ माह बाद ठीक हुई। मलेरिया के 820 केस आए हैं। जमीनस्तर पर सही सर्वे नहीं होने से तीन मलेरिया इंस्पेक्टर की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश पिछले हफ्ते दौरे पर आए एनएचएम डायरेक्टर बीएन चौहान दे दिए थे। बाजना, सैलाना के 267 गांवों मलेरिया हाई रिस्क में हैं। सैलाना में 186 व बाजना में 36 मलेरिया संक्रमित मिले हैं।

योजना: मातृ मृत्यु दर

स्थिति: 2012 में एक लाख पर मातृ मृत्यु दर 176 थी। इसे 150 से कम करना है। अब तक 14 हजार प्रसव पर 22 माताओं की मृत्यु हो चुकी है।

योजना: शिशु मृत्यु दर

स्थिति: 2012 के अनुसार एक हजार जीवित बच्चों पर 65 शिशुओं की मृत्यु हो रही थी। इसे 55 से कम करना है। इस साल 14 हजार प्रसव पर 173 बच्चों की मृत्यु हुई।

योजना: सकल प्रजनन दर कम करना

स्थिति: शासन के निर्देशानुसार जिले की प्रजनन दर 2.1 फीसदी तक लाना है। अभी जिले की प्रजनन दर 3.1 ही है।

योजना: टीकाकरण

स्थिति: 31 गांवों में 80 फीसदी से कम टीकाकरण हुआ। इन गांवों में इंद्रधनुष अभियान फिर शुरू करने के निर्देश हैं। नवंबर, दिसंबर व फरवरी से हर माह 7 से 14 नवंबर तक अभियान चलेगा।

By parshv