सीरिया के अलेप्पो में आम नागरिकों से भरी बसों के काफिले पर शनिवार रात हुए आत्मघाती हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 126 हो गई है। इनमें 68 बच्चे भी शामिल हैं। सीरिया के एक मानवाधिकार निगरानी समूह ने रविवार को यह जानकारी दी।
सीरियन आब्जर्वेटरी ह्यूमन राइट्स के मुताबिक यह सीरिया में बीते एक साल में हुआ सबसे घातक आत्मघाती हमला था। हमलावर ने असद सरकार और विद्रोहियों के बीच हुए समझौते के तहत हजारों नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने वाली बसों को निशाना बनाया।
समूह ने बताया कि बसें शुक्रवार को फुआ और काफ्राया से रवाना हुई थीं। शनिवार रात जब ये विद्रोहियों के कब्जे वाले राशिदिन इलाके में पहुंचीं तो एक आत्मघाती हमलावर विस्फोटकों से भरी कार बसों की तरफ ले आता दिखा। लोगों ने समझा कि राहत एजेंसियों की ओर से दवा और खाद्य सामग्री भेजी गई है, लेकिन हमलावर ने धमाका कर दिया।
सीरिया में विद्रोहियों का समर्थन कर रहे कतर और असद सरकार के समर्थक ईरान की मध्यस्थता के बाद दोनों कस्बों से करीब पांच हजार लोगों को निकालने की कवायद चल रही थी।
पोप ने आतंक खत्म करने की अपील की
वेटिकन सिटी। पोप फ्रांसिस ने रविवार को ईस्टर पर रोम में होने वाली परंपरागत प्रार्थना में सीरिया में आतंक और मौतों का सिलसिला खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रभू के आशीर्वाद से सीरिया में नागरिकों को जल्द ही राहत मिलेगी। यहां लोग लगातार युद्ध की वजह से आतंक और मौत का सामना कर रहे हैं।