साल के सबसे बड़े और प्रमुख नवरात्रि मेले की तैयारियों के निरीक्षण लिए पहुंची महापौर को मंगलवार को मोबाइल टार्च की रोशनी में व्यवस्थाएं देखना पड़ी। यही नहीं दो माह पहले उन्होंने मेला स्थल पर व्यवस्थाएं जुटाने के निर्देश दिए थे लेकिन हुआ कुछ नहीं। इस पर महापौर ने निगम आयुक्त को मौके पर ही तलब किया और स्थिति सुधारने के निर्देश दिए।

मंगलवार शाम महापौर डॉ. सुनीता यार्दे नवरात्रि मेले की तैयारियों का जायजा लेने कालिकामाता मेला प्रांगण पहुंची। यहां सांस्कृतिक मंच के पीछे वाले कमरे की दोनों ट्यूबलाइट बंद थी, सिर्फ पंखा चल रहा था। महापौर ने मोबाइल टार्च की रोशनी में व्यवस्था देखी। कमरे में फल, सब्जियां रखने के कैरेट भरे थे। अव्यवस्था देख महापौर ने कमिश्नर एसके सिंह को मौके पर बुलाया और स्थिति बताई। कालिकामाता मंदिर क्षेत्र में 21 से 30 सितंबर तक नवरात्रि मेला लगेगा, जिसमें हर दिन अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।

कोई काम ठीक से नहीं होता
एमआईसी सदस्यों के साथ कालिकामाता पहुंचीं महापौर का चेहरे का रंग मेेला क्षेत्र देखकर ही उड़ गया था। दो माह पहले जिन-जिन तैयारियों के लिए अधिकारियों को कहा गया था, वे कुछ भी दिखाई नहीं दी। महापौर के साथ आए सहायक आयुक्त संदीप मालवीय, प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी एपी सिंह व इंजीनियरों से बोलीं कुछ भी काम नहीं हुआ, क्या हमेशा की तरह एेनवक्त पर ही भागदौड़ कर सारी व्यवस्था करोगे। इसी तरह तो कोई काम ठीक से नहीं होता।

व्यवस्था जुटाने के लिए चार दिन की मोहलत दी
महापौर ने निगम अधिकारियों को व्यवस्था संबंधी तमाम निर्देश देकर चार दिन की मोहलत दी। उन्होंने कहा चार दिन बाद फिर निरीक्षण करने आऊंगी, तब तक सब कुछ तैयार हो जाना चाहिए। सांस्कृतिक कार्यक्रम, रावण व लंका दहन के टेंडर खुल चुके हैं, अब तक लिस्टिंग नहीं हुई है। ऐसे कैसे कार्यक्रम होंगे। राजस्व समिति प्रभारी मंगल लोढ़ा, विद्युत एवं यांत्रिक समित प्रभारी सूरज जाट, मोनिका सोनी, ताराचंद पंचोनिया, भगत भदौरिया, रणजीत परिहार सहित अन्य भी साथ रहे।