पुलिस विभाग, अधिवक्ता समूह, सामाजिक कार्यकर्ता समूह के लोगों से समन्वय कर उनकी कार्यशाला आयोजित की जाये। कार्यशाला में घरेलू हिंसा मामला से जुड़े कानूनी प्रावधानों तथा शासकीय सहायता के बारे में पूरी जानकारी दी जाये। घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं की पहचान गोपनीय रखे तथा पीड़िताओं को सीधे वन स्टाप सेंटर सखी में ले जाकर परामर्श देने की कार्यवाही करें। यह निर्देश कलेक्टर श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल ने महिला सशक्तिकरण विभाग की गतिविधियों की समीक्षा बैठक के दौरान कही। बैठक में जिला सशक्तिकरण अधिकारी आर.के. मिश्रा ने बताया कि परामर्श केन्द्रों पर महिलाओं को अपनी समस्याएं बताने में हिचक होती हैं क्योकि परामर्श केन्द्र पर परामर्श के समय अन्य नागरिक एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहते है।

बैठक में विभाग द्वारा अब तक की गई गतिविधियों का प्रस्तुतिकरण किया गया। बैठक में रतलाम जिले के महिला संगठन आदि से जुड़े सदस्य आदि उपस्थित रहे। महिला संगठन के पदाधिकारियों ने कलेक्टर द्वारा पहल कर स्लम क्षेत्र के बच्चों के स्कूल में एडमिशन कराने पर क्षेत्रवासियों की और से धन्यवाद ज्ञापित किया।