जापान इन्टरनेशनल कार्पोरेशन एजेंसी (जायका) गांधी सागर डेम आधारित प्रतिनिधियों ने आज एनआईसी कक्ष में कलेक्टर श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल के साथ रतलाम जिले में जल प्रबंधन के सुधारात्मक कार्यो (मल्टी विलेज रूरल वाटर सप्लाय स्कीम) के संबंध में बैठक की। बैठक में जायका के सुब्रोतो तालुक दार, तकाहाशी मिसातो, कोजिमा हिरोशी तथा मोमिता यासुकी आदि ने रतलाम जिले के परिदृश्य को जाना एवं रतलाम का वातावरण सकारात्मक बताया। बैठक में कलेक्टर ने रतलाम जिले की भौगोलिक स्थिति, जन संख्या, साक्षरता दर, स्त्री-पुरूष लिंगानुपात का प्रस्तुतिकरण किया। कलेक्टर ने वर्ष में होने वाली औसत वर्षा एवं जल स्तर का गहराई से विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होने कहा कि रतलाम जिले में सामान्यतः पर्याप्त वर्षा होने के बावजूद जल स्तर तुलनात्मक रूप से कम रहता है। जिले में पेयजल के लिये अधिकांश जनता का हेण्डपम्प पर आश्रित होना बतलाया। विकासखण्ड स्तरीय विश्लेषण के लिये आलोट को आधार बनाकर प्रस्तुतिकरण किया गया। जिले में कुल दो लाख 18 हजार 54 मकान होने के बावजूद घरों में नल कनेक्शन 34 हजार 669 इस प्रकार लगभग 16.45 प्रतिशत उपलब्धता बतायी गई।

रतलाम जिले में पानी की लेब टेस्टिंग रिपोर्ट के आधार पर फ्लोराईट, आयरन, नाईट्रेट, लवणता, बेक्टिरियोलॉजीकल आदि के प्रतिशत का विश्लेषण किया गया। जायका के प्रतिनिधियों ने कहा कि जायका संस्था द्वारा फ्लोराईट से होने वाले नुकसान को लेकर विशेष रूप से कार्य किया जा रहा है जिसमें डॉक्टर सुशीला का नाम उल्लेखनीय है। कलेक्टर ने रतलाम जिले में चलाये जा रहे स्वच्छ भारत मिशन के जन आंदोलन बनने के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होने कहा कि जायका द्वारा प्रोजेक्ट के रूप में रतलाम जिले को लिया जाना चाहिए। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा मनरेगा, पंच परमेश्वर, समग्र स्वच्छता अभियान, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जैसी कई कार्यक्रम चलाकर जन सामान्य को लाभान्वित किया जा रहा है। जन सामान्य द्वारा शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों को आगे बढ़कर अपनाया जा रहा है। जायका के प्रतिनिधियों ने आंगनवाड़ी तथा स्वास्थ्य विभाग सहित अनेक कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी ली।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ननावरे ने बताया कि बाल मृत्यु दर का एक प्रमुख कारण प्रदूषित जल का उपयोग हैं। प्रदूषित जल से होने वाले रोगों के कारण कई बार ग्रामों में अधिक लोगों के एक साथ बीमारी होने हालत बन जाते है। कलेक्टर ने रतलाम जिले में जायका प्रोजेक्ट लाने के संबंध में राज्य स्तर के अधिकारियों से समन्वय की भी बात कही।

बैठक के उपरांत जायका प्रतिनिधियों ने रतलाम जिले के परिदृश्य के विषय में संतोष जताया और सकारात्मक सहयोग की बात कही। बैठक में पीएचई के कार्यपालन यंत्री के.पी.वर्मा, राज्य स्तरीय अधिकारी, महिला बाल विकास अधिकारी सुषमा भदोरिया, प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश वर्मा, स्वच्छता अभियान के प्रभारी अहिरवार, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाऐं तथा अन्य अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।