रतलाम | देश में आवास का अधिकार देने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य बन गया है। वर्ष 2014 के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जब रतलाम आए थे तो उनसे मैंने आवास का अधिकार कानून बनाने की मांग की थी। हर्ष का विषय है कि प्रदेश में पिछले वर्ष आवास का अधिकार कानून लागू हो गया है जिसमें प्रत्येक आवासहीन को लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वर्ष 2022 तक प्रत्येक जरूरतमंद को आवास उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इस उपलब्धि में अहिंसाग्राम की अहम भूमिका है।
यह बात राज्य योजना आयोग उपाध्यक्ष व विधायक चेतन्य काश्यप ने अहिंसाग्राम में आयोजित दीप मिलन समारोह में कही। चेतन्य काश्यप फाउंडेशन द्वारा संस्थापित अहिंसाग्राम में निवासरत परिवारजनों को काश्यप परिवार द्वारा मिठाई वितरित की। काश्यप ने आवास के अधिकार पर कहा प्रत्येक व्यक्ति के लिए जीवन का निर्माण और बच्चों के भविष्य का निर्माण महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने इसी बात को दृष्टिगत रखते हुए आवास के अधिकार पर शोध पत्र लिखा था जिसमें इस बिंदु पर कई बातें कही गई थी। अहिंसाग्राम की स्थापना से यह विचार आगे बढ़ा।
प्रदेश में आवास के अधिकार के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 450 और 600 वर्गफीट भूमि पर आवास निर्माण की सुविधा मिलेगी। शहर पंचायतों में 450 वर्गफीट भूमि मिलेगी व बड़े शहरों में फ्लैट मिलेगा। काश्यप ने कहा अंहिसाग्रामवासियों ने अच्छी शुरुआत की है, इससे भविष्य में रोजगार, शिक्षा के अवसरों के साथ आवास आदि के क्लस्टर का निर्माण करने पर भी विचार किया जा रहा है। बच्चों के भविष्य का निर्माण करने के लिए अब अभिभावकों को उन्हें हुनर सिखाने पर बल देना चाहिए। परिवर्तन के दौर में हुनरमंद लोग ही सफलता हासिल कर पाएंगे। फाउंडेशन के सिद्वार्थ काश्यप ने भी विचार रखे। तेजकुंवरबाई काश्यप, नीता काश्यप, पूर्वी काश्यप, श्रवण काश्यप, अमि काश्यप व बेबी समीक्षा व सारांश काश्यप मंचासीन थे। संचालन अहिंसाग्राम संचालन समिति के मनोहर पोरवाल ने किया। आभार समिति के शरद फाटक ने माना।