दीपावली पर नए नोटों का विशेष महत्व है। अधिकतर लोग लक्ष्मी पूजन में नए नोट की गड्डियां रखते हैं। इस बार आरबीआई द्वारा बैंकों को नई करेंसी जारी नहीं करने से लोगों को नए नोट नहीं मिल पाए।
ग्राहक जब बैंक में नोट लेने पहुंचे तो एसबीआई, सेंट्रल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, कैनरा बैंक सहित तमाम बैंकों का एक ही जवाब था कि नोट बंदी में सभी नोट खत्म हो गए। इसके बाद आरबीआई ने 100, 500 एवं 2000 रुपए की करेंसी के अलावा कोई नई करेंसी नहीं भेजी तो हम कहां से दें। इससे लोगों को निराशा ही हाथ लगी लेकिन दीपोत्सव के दौरान माणकचौक स्थित लक्ष्मी मंदिर पर नए नोटों की लड़ियां नजर आने से सब हैरत में हैं। सभी का कहना है कि जब बैंकों में नए नोट ही नहीं आए तो फिर मंदिर में नए नोट कहां से सज गए। बैंकों में नए नोट आए होंगे लेकिन बैंक वालों ने नहीं दिए या फिर गुपचुप तरीके से अपने लोगों को जारी कर दिए। हालांकि लीड बैंक प्रबंधक इससे इनकार कर रहे हैं उनका कहना है कि यदि ऐसा होता तो पता चल जाता।
12 करोड़ रुपए 10 के नोट
6 करोड़ रुपए 20 के नोट
90 लाख रुपए 50 के नाेट
7 करोड़ रुपए 100 के नोट
50 लाख रुपए 200 के नोट
3.5 करोड़ रु. 500 के नोट
6 करोड़ के नोट थे 20 के
बाहर के व्यापारियों के नोट होंगे
लीड बैंक मैनेजर के.के. सक्सेना ने बताया दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद आदि के व्यापारियों ने भी मंदिर में करेंसी रखी थी। उन्होंने 200 रुपए के नए नोट रखे होंगे। बैंकों में 20 रुपए के नए नोट आए थे, वो बांट दिए। इंदौर की बैंकों में ही जब नई करेंसी नहीं आई तो हमारे यहां कहां से आएगी। यह गलत है कि गुपचुप तरीके से करेंसी बांट दी होगी। यदि कोई बैंक करेंसी बांटती तो पता चल जाता।
दीपावली पर पहली बार नए नोट नहीं आए
पूर्व लीड बैंक प्रबंधक हिम्मत गेलड़ा बताते हैं कि दीपावली पर नए नोट की डिमांड रहती है। इससे बैंक वाली अपनी डिमांड भेजते हैं और आरबीआई हर साल नई करेंसी भेजती है। इस बार नहीं आई। बैंकों को दो से तीन महीने पहले ही प्रयास करना थे ताकि लोगों को नई करेंसी मिल जाती।
शहर में दो चेस्ट ब्रांच, दोनों में नए नोट नहीं- शहर में दो चेस्ट ब्रांच हैं। एक एसबीआई की और दूसरी सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की। दोनों ही ब्रांचों से बैंकों को नोट जारी किए जाते हैं लेकिन दोनों में 10, 50 और 200 के नए नोट नहीं आए।
200 रुपए के नए नोट की गड्डी किसी भी बैंक में नहीं आई लेकिन लक्ष्मी मंदिर में 200 की नोटों की लड़ियां लगी रहीं।