शहर में गुरुवार को पहुंचे उच्च शिक्षा के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई ने शहर के तीनों कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ बैठक ली। बैठक में प्राचार्यों ने कोर्स बदलने से कई किताबें अनुपयोगी होने की बात कही। साथ ही आउटसोर्सिंग से कर्मचारियों की नियुक्ति करने की भी मांग रखी।
कन्या महाविद्यालय प्राचार्य कक्ष में हुई बैठक में कला व विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. संजय वाते, कन्या महाविद्यालय प्राचार्य मीना हरित व वाणिज्य महाविद्यालय प्राचार्य लक्ष्मी दत्ता उपस्थित थे। प्राचार्यों ने शहर के तीनों कॉलेजों में 1 लाख से ज्यादा किताबें अनुपयोगी होने की बात कही। प्राचार्यों के अनुसार बीते सालों में कोर्स बदलने के कारण लाइब्रेरी में रखी जाने वाली किताबें पुरानी हो चुकी हैं। अनुपयोगी किताबों के लिए एक लाइब्रेरी बनाने का प्रस्ताव रखा ताकि वे अन्य लोगों के काम आ सकें। साथ ही प्राचार्यों ने छात्र-छात्राओं की स्कॉलरशिप में आ रही समस्या को भी बताया।
जिले में 4 नए महाविद्यालय बने हैं यहां विद्यार्थियों के बैंक खाते अब तक नहीं खाेले गए हैं। बैंक खाते नहीं होने के कारण यहां विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप देने में परेशानी आ रही है। साथ ही प्राचार्यों ने आउटसोर्सिंग से कॉलेज में कर्मचारियों की नियुक्ति करने की भी मांग रखी ताकि जो नियुक्तियां संभाग स्तर पर नहीं हो रही हैं, वह जिला स्तर पर हो। इस दौरान प्रमुख सचिव ने कॉलेज में किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की। गर्ल्स कॉलेज विभागाध्यक्ष प्रो. आरके कटारे ने बताया करीब 30 मिनट तक चली बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।