युवाम द्वारा पटवारी परीक्षा में मिशन-300 के तहत विशेष सेमिनार रविवार को रखा गया। मुख्य अतिथि समाजसेवी गुस्ताद अंकलेसरिया ने कहा परीक्षा के पहले उसके स्वरूप को पहचानें। उन्होंने पंचतंत्र की कछुए और खरगोश की कहानी को रोचक रूप में प्रस्तुत कर कहा कि मैनेजमेंट व नेटवर्किंग से प्रत्येक परीक्षा में सफलता प्राप्त की जा सकती है। युवाम संस्थापक पारस सकलेचा ने देश में मिसाल पेश की है। अध्यक्षता करते हुए अदिति दवेसर ने कहा प्रतियोगी परीक्षा के लिए योजनाबद्ध तैयारी जरूरी है। रतलाम के युवा भाग्यशाली हैं, जिन्हें युवाम जैसा मंच और पारस सकलेचा जैसा गुरु मिला है। सेमिनार को संस्थापक सकलेचा, फेकल्टी अनिल धाकड़, पीयूष विजयवर्गीय, गौरव परमार ने भी संबोधित किया।

अतिथि का स्वागत अरुण डामठिया, शिव वीरसिंह, संजय जाटव, योगेश सेन, दानिश खान, श्रुति सकलेचा, रीना पोरवाल, शिवानी माहेश्वरी, दया डामोर, नूरीना खान, नेहा आदि ने किया। सेमिनार के दौरान डमी टेस्ट हुआ। इसमें 376 युवाओं ने भाग लिया। विजय मालवीय प्रथम, स्वर्ण जायसवाल द्वितीय, वृंदा प्रजापति तृतीय रहीं। अंकलेसरिया, दवेसर और धर्मेंद्र मंडवारिया ने विजेताओं को पुरस्कृत किया। संचालन पवन पंवार ने किया। आभार रमेश रावत ने माना।