आदिशंकराचार्य की प्रतिमा हेतु धातु संग्रहण एवं जनजागरण के लिए संचालित की जा रही एकात्म यात्रा का आज जिले के आलोट क्षेत्र में भव्य स्वागत किया गया। रास्तों पर ग्रामीणजनों द्वारा मंच लगाये जाकर यात्रा पर पुष्पवर्षा की गई, ग्रामीणों ने एकात्म भाव से जयकारों के साथ यात्रा की अगवानी अपने क्षेत्र में की, एकात्म यात्रा मंदसौर के सीतामउ क्षेत्र से आज सुबह आलोट क्षेत्र में आई, यात्रा के लिए निर्धारित मार्ग ग्राम बरखेड़ा, कराडि़या, सेमलिया, लसुलिया खेड़ी, ताल एवं भूतिया होते हुए मनुनिया में जनसंवाद निर्धारित था। मनुनिया के महादेव मंदिर प्रांगण में जनसंवाद सभा आयोजित की गई, आलोट में भी जनसंवाद सभा हुई, यात्रा के साथ आये बीकानेर राजस्थान के स्वामी संवित सोमगिरीजी महाराज, अहमदाबाद के स्वामी अध्यात्मानंदजी ने आदिशंकराचार्य एकात्म यात्रा के उद्देश्यों एवं जीवनदर्शन को अपने उदबोधनों में प्रस्तुत किया। स्वामी भूमानंदजी महाराज, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री प्रदीप पाण्डे, राज्य कृषक आयोग के अध्यक्ष श्री ईश्वरलाल पाटीदार, राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री रमेशचंद्र शर्मा, विधायक श्री जितेन्द्र गेहलोत, श्री कानसिंह चौहान, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री कालुसिंह चौहान, श्री राजेश परमार, संभागीय समन्वयक श्री जन अभियान परिषद श्री वरूण आचार्य एस डी एम श्रीमती लक्ष्मी गामड़ आदि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने पवित्र भाव से राज्य में एकात्म यात्रा संचालित की है
जनसंवाद सभाओं में संबोधित करते हुए यात्रा के साथ आए स्वामी संवित सोमगिरीजी महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अत्यंत पवित्र भाव से राज्य में एकात्म यात्रा संचालित की है। मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश में नर्मदा सेवा यात्रा के माध्यम से नदियों एवं पर्यावरण के प्रति अपने गहरे प्रेम को प्रदर्षित किया है, वही वृद्धजनों के लिए मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना एवं बालिकाओं के लिए लाडली लक्ष्मी जैसी योजनाएं बनाकर समाज के लिए कल्याणकारी भावना का परिचय दिया है।
संवित सोमगिरीजी महाराज ने कहा कि सांस्कृतिक पुनरूत्थान के लिए अपने आचार-विचारों को शुद्ध रखा जाना आवश्यक है। उन्होंने बच्चों में अच्छे आचार-विचारों के विकास हेतु माताओं के पवित्र आचरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि माता की सोच का बच्चों पर गहरा प्रभाव पड़ता है, इसलिए मातायें अपने जीवन में सदेव सुविचारों को आत्मसात कर बच्चों के भविष्य को संवारे, वहीं परिवार को भी इस भावना से सुसंस्कारित रखते हुए बुराइयों से बचा सकती है। उन्होंने कहा कि लड़कियों को शिक्षित करते हुए संस्कृति से जोड़े, शंकराचार्य ने भी तत्कालीन समय में बुराईयों को समाप्त किया था।
अहमदाबाद से आये स्वामी अध्यात्मानंदजी ने अपने उदबोधन में कहा कि प्रत्येक व्यक्ति करूणा, क्षमा, उदारता व प्रेम से परिपूर्ण हो, अपने अहंकार को त्यागे, इन्हीं भावनाओं को आत्मसात कर व्यक्ति मन में शांति प्राप्त कर सकता है, सबसे प्रेमपूर्ण व्यवहार इस एकात्म यात्रा के संदेश में सम्मिलित है। यात्रा नागरिकों को एक-दूसरें से जोड़ने के लिए है, इंसान इंसानियत से जुड़ा रहे, मनुश्यता से प्यार करे। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री द्वारा गहरे पवित्र भाव के साथ एकात्म यात्रा शुरू की गई है, नर्मदा सेवा यात्रा भी मुख्यमंत्री के नदियों एवं पर्यावरण सुधार के प्रति पुरजोर आग्रह को प्रदर्षित करती है, नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान वृहत्त पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाकर एक रिकार्ड कायम किया गया है। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद श्री प्रदीप पाण्डे ने एकात्म यात्रा के उद्देश्यों तथा यात्रा मार्ग की जानकारी दी। विधायक श्री जितेंद्र गेहलोत ने कहा कि एकात्म यात्रा हमारे क्षेत्र में आई है, ग्रामीणजन एकात्म भाव से इस यात्रा से जुड़े हैं, संतों के दर्शन पाकर हम धन्य हुये हैं। मनुनिया के कार्यक्रम में श्री कानसिंह चौहान ने यात्रा का संकल्प दिलाया, श्री राजेश परमार तथा जनपद अध्यक्ष श्री कालुसिंह परिहार ने भी संबोधित किया।
आलोट नगर में भी यात्रा का भव्य स्वागत
एकात्म यात्रा के आलोट नगर में प्रवेश पर नागरिकों द्वारा यात्रा का भव्य स्वागत अभिनंदन किया गया, स्थानीय बस स्टेण्ड के पास कन्याशाला परिसर में जनसंवाद सभा आयोजित हुई, इस अवसर पर बोहरा समाज के आमिल साहब भी मौजूद थे, इसके पूर्व पूरे नगर में बैण्ड बाजे के साथ यात्रा का भ्रमण हुआ, महिलाओं की कलश यात्रा भी साथ थी। जगह-जगह मंच स्थापित कर नागरिकों द्वारा यात्रा पर पुष्पवर्षा की गई।