भाजपा के विधायक रविंद्र रैना ने कहा कि कश्मीर के शोपियां क्षेत्र में शनिवार को भारतीय सेना द्वारा जो कार्रवाई की गई वह सेना द्वारा अपनी सुरक्षा में उठाया गया कदम है और वह बहुत जरूरी भी था। प्रदर्शनकारियों ने सेना के जवानों पर हमला करके उनके हथियार छीनने के साथ-साथ उन्हें जलाने की भी कोशिश की जिसके बाद भारतीय सेना के जवानों ने आत्मरक्षा में कार्रवाई। सेना ने जो किया अपने बचाव में किया, इसकी निंदा नहीं होनी चाहिए। बाढ़ आए तो सेना, भूकंप आए तो सेना, युद्ध लड़े तो सेना। इसके बाद भी सेना के ऊपर पथराव जैसी घटनाओं के बाद सेना के हक में बयान देने के लिए नेताओं की जबान पर ताला नहीं लगना चाहिए।

भाजपा के फायर ब्रांड विधायक रैना ने कहा कि सेना के खिलाफ चाहे मामले दर्ज हो जाएं या फिर मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जारी हो जाएं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। राज्य में सेना को विशेष अधिकार हासिल है। सेना का अपना कोर्ट है। पत्थरबाजों को पकडक़र जेल में डालेंगे और इनका दिमाग ठिकाने लाएंगे। भाजपा के विधायक रविंदर रैना ने नौशहरा में पत्रकारों से बात करते हुए यह बातें कहीं। पत्रकारों को संबोधित करते हुए रैना ने कहा कि पाकिस्तान 26 जनवरी के अवसर पर राज्य में बड़े हमले की फिराक में था। इसमें वह सफल नहीं हुआ तो उसकी शह पर शोपियां क्षेत्र में सेना के काफिले के ऊपर 250 के करीब लोगों ने हमलाकर जवानों के हथियार खींचने व जवानों को आग के हवाले करने का प्रयास किया। उस समय सेना के जवानों ने जो किया, वह अपने बचाव में किया और यह जरूरी भी था