अक्सर महिलाएं कई बिमारियों की शिकार होती है। ऐसे ही सर्वाइकल कैंसर भी महिलाओं की एक खतनाक बीमारी है। यह स्थिति और भी खराब इसलिए हो जाती है कि देश में मात्र 3.1 प्रतिशत महिलाओं की इस हालत के लिए जांच हो पाती है, जिससे बाकी महिलाएं खतरे के साये में ही जीती हैं।
क्या है इसका कारण:
एचपीवी संक्रमण यौन संपर्क या त्वचा संपर्क के माध्यम से फैलता है। कुछ महिलाओं में गर्भाशय-ग्रीवा की कोशिकाओं में एचपीवी संक्रमण लगातार बना रहता है और इस रोग का कारण बनता है। इन परिवर्तनों को नियमित ग्रीवा कैंसर स्क्रीनिंग (पैप परीक्षण) द्वारा पता लगाया जा सकता है।
रोकने के उपाय:
- सर्वाइकल कैंसर को रोकने के लिए कई तरह के उपाए हैं। कंडोम के बिना कई व्यक्तियों के साथ यौन संपर्क से बचें।
- हर तीन वर्ष में एक पेप टेस्ट करवाएं, क्योंकि समय पर पता लगने से इलाज में आसानी होती है। इसके साथ ही धूम्रपान छोड़ दें, क्योंकि सिगरेट में निकोटीन और अन्य घटकों को रक्त की धारा से गुजरना पड़ता है।