The Food Minister of Madhya Pradesh, Shri Kunwar Vijay Shah calls on the Minister of State (Independent Charge) for Petroleum and Natural Gas, Shri Dharmendra Pradhan, in New Delhi on July 31, 2014.

स्कूल शिक्षा मंत्री कुँवर विजय शाह ने जिला शिक्षाधिकारियों से सरकारी स्कूलों में परीक्षा परिणाम, विशेषकर बोर्ड परीक्षा परिणाम में सुधार के लिये ठोस प्रयास करने के लिये कहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिये विभाग के “एम शिक्षा मित्र” एप का अनिवार्य रूप से उपयोग हो। उन्होंने शाला परिसर में रुचिकर माहौल में विद्यार्थियों को पढ़ाई करवाने पर भी जोर दिया। स्कूल शिक्षा मंत्री कुँवर शाह नरोन्हा प्रशासन अकादमी में जिला शिक्षाधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

  • सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति “एम शिक्षा मित्र” एप से लगेगी।
  • जिलों में उत्कृष्ट विद्यालय में 100-100 सीटर बालक और बालिका छात्रावास बनेंगे।
  • अगले शिक्षण सत्र से गणवेश बनाने का कार्य स्व-सहायता समूह से करवाया जाएगा।

स्कूल शिक्षा मंत्री कुँवर शाह ने कहा कि अप्रैल-2018 से जिला-स्तर के सभी उत्कृष्ट विद्यालयों में 100-100 सीटर के बालक और कन्या छात्रावास शुरू किये जायेंगे। स्कूल शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिये कि रिक्त पड़े शिक्षकों के पदों पर भर्ती की कार्यवाही निश्चित समय-सीमा में की जाये। उन्होंने बताया कि अगले शिक्षण सत्र से विद्यार्थियों के गणवेश तैयार करने का कार्य स्व-सहायता समूह के माध्यम से करवाने की प्रत्येक जिले में अभी से तैयारी की जाये।

प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने बताया कि सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक कार्य प्रभावित न हो, इसके लिये अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। वर्तमान में करीब 86 हजार अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। उन्होंने स्कूल के बच्चों को नि:शुल्क साइकिल वितरण का कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिये। आयुक्त लोक शिक्षण श्री नीरज दुबे ने बताया कि कलेक्टरों की मदद से स्कूल परिसर में अतिक्रमण हटाने का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है। प्रदेश में शैक्षणिक सत्र 2017-18 में करीब 23 लाख विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकों का वितरण करवाया गया है। शैक्षणिक गुणवत्ता के लिये सरकारी स्कूलों में दो बार बाह्य मूल्यांकन की व्यवस्था की गई है।
कॅरियर काउंसिलिंग

बैठक में बताया गया कि कक्षा-10 के विद्यार्थी निर्धारित कॅरियर के अनुसार अध्ययन कर सकें, इसके लिये इस वर्ष फरवरी माह में 6 लाख विद्यार्थियों का अभिरुचि परीक्षण किया जायेगा। बैठक में छात्रवृत्ति वितरण, वार्षिक खेलकूद कैलेण्डर के अनुसार गतिविधियाँ, छात्रावासों की सुरक्षा और बजट संबंधी मुद्दों पर भी चर्चा की गई।