क्या आपने भगवान की ऐसी मूर्ति कहीं देखी है जो हर दिन अपना आकार बदल लेती हो। आप यह जानने के बाद कहेंगे कि यह क्या कह रहे हैं आप। मगर हम जो बता रहे हैं उस पर शायद ही आपको यकीन हो। इसलिए आप एक बार आंध्रप्रदेश के चित्तूर में स्थापित अतिप्राचीन कनिपक्कम गणपति मंदिर के दर्शन जरूर कर आऐं। यहां आकर बप्पा के दर्शन करने से आपकी बिगड़ी किस्मत फिर से संवर जाएगी। जी हां,आंध्रप्रदेश के चित्तू में चोल राजाओं ने इस ऐतिहासिक मंदिर का निर्माण करवाया था।

इस मंदिर में भगवान श्री गणेश की स्वयंभू मूर्ति प्रतिष्ठापित है। कनिपक्कम गणपति की मूर्ति बेहद सुंदर है। यहां प्रति बुधवार को बड़े पैमाने पर श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। ये श्रद्धालु भगवान से जो वरदान मांगते हैं वह उन्हें मिल जाता है। मंदिर आंध्रप्रदेश के चित्तूर में प्रतिष्ठापित है। काले पाषाण की प्रतिमा बेहद अद्भुत नज़र आती है। इस मंदिर की कीर्ति दूर – दूर तक है। कई श्रद्धालु यहां दर्शन कर खुद को धन्य मानते हैं।

कनिपक्कम गणपति मंदिर को लेकर कथा प्रचलित है कि यहां तीन भाई रहा करते थे। जिसमें एक भाई अंधा था, एक गूंगा था और तीसरे को कुछ सुनाई नहीं देता था। ये लोग खेती कर अपनी आजीविका चलाते थे। एक दिन इन्हें खेत में कुंआ खोदने की जरूरत हुई। इसी दौरान एक आश्चर्यजनक घटना हुई। दरअसल जब ये लोग कुंआ खोद रहे थे इसी दौरान इनकी कुदाल एक पत्थर से टकरा गई।

इन लोगों ने उस पत्थर को हटाया तो वहां खून की धारा निकलने लगी। इसके बाद इन लोगों को वहां एक मूर्ति नज़र आई। जब तीनों भाईयों ने मूर्ति के दर्शन किए तो तीनों की शारीरिक कमजोरी दूर हो गई। इस तरह के चमत्कार की जानकारी जब गांव के अन्य लोगों को मिली तो वे खेत की ओर पहुंचने लगे। यहां पहुंचकर सभी ने भगवान की इस अद्भुत मूर्ति के दर्शन किए। बाद में इस मूर्ति को 11 वीं सदी के चोल राजा कुलोतुंग चोल प्रथम ने कनिपक्कम गणपति मंदिर बनाकर प्रतिष्ठापित किया।

यहां मंदिर बनने पर बड़े पैमाने पर लोग पहुंचने लगे। कनिपक्कम गणपति दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का आकार लगातार बढ़ता जा रहा है। इसका प्रमाण यह है कि मंदिर में लक्ष्माम्मा ने भगवान श्री गणेश के लिए एक कवच तैयार किया था मगर बाद में इस कवच को केवल इसलिए नहीं पहनाया जा सका क्योंकि यह मूर्ति पर फिट नहीं हो रहा था। यहां 10 दिवसीय श्री गणेशोत्सव,बुधवार,गणेश चतुर्थी के अवसर पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। यहां आने वाले की सभी मनोकामनाऐं पूर्ण हो जाती हैं।