भारत में कई अनगिनत मंदिर है जिनकी माया भी अपरम्पार है। आज हम एक ऐसे मंदिर के विषय में बात करेंगें जहां आज भी स्त्रियों का जाना वर्जित है। यह मंदिर वर्ष में केवल 3 माह- नवम्बर, दिसम्बर, जनवरी में ही आम भक्तों के लिए खुला होता है।

15 वर्ष से कम उम्र कि लड़कियां:
केरल राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम से लगभग 175 किलो मीटर दूर, पंपा से 4 किलोमीटर की दूर, पश्चिमी घाट की पर्वत श्रंखलाओं पर घने जंगलों के बीच यह मंदिर स्थित है, जिसे सबरीमाला मंदिर के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर को विश्व का दूसरा सबसे बड़ा तीर्थ माना गया है।

लड़कियां कर सकती प्रवेश:
सबरीमाला का मंदिर भगवान अयप्पा को समर्पित है। भगवान अयप्पा ब्रम्हचारी थे, इस कारण से इस मंदिर में 15 वर्ष से कम उम्र कि लड़कियां और वृद्ध महिला ही जा सकती है। बाकी स्त्रियों का इस मंदिर में जाना वर्जित है।

क्या है मान्यताएं:
इस मंदिर में विराजित भगवान अयप्पा के विषय में एक पौराणिक कथा प्रचलित है, जिसके अनुसार भगवान अयप्पा, भगवान शिव और मोहनी के पुत्र कहे जाते हैं। मोहनी भगवान विष्णु का ही एक रूप है। इसी कारण से भगवान अयप्पा को हरिहर पुत्र के नाम से भी जाना जाता है, जिसका अर्थ हरी मतलब विष्णु और हर यानी भगवान शिव इन्ही दोनों के संयोग से इनका हरिहर नाम पड़ा।