लगातार छह मैचों में हार के बावजूद दिल्ली डेयरडेविल्स के कप्तान माहेला जयवर्धने ने खिलाडि़यों को सकारात्मक बने रहने की सलाह देते हुए कहा कि अब यह दिखाने का समय आ गया है कि उनकी टीम वास्तव में अच्छी है।गौरतलब है गुरूवार को दिल्ली कोटला मैदान में चेन्नई सुपरकिंग टीम में दिल्ली को 86 रनों से बुरी तरह हरा दिया था, जिससे दिल्ली आईपीएल-6 में लगातार 6 मैचो… अब दिखाना होगा कि हमारी टीम अच्छी है: जयवर्धने

लगातार छह मैचों में हार के बावजूद दिल्ली डेयरडेविल्स के कप्तान माहेला जयवर्धने ने खिलाडि़यों को सकारात्मक बने रहने की सलाह देते हुए कहा कि अब यह दिखाने का समय आ गया है कि उनकी टीम वास्तव में अच्छी है।गौरतलब है गुरूवार को दिल्ली कोटला मैदान में चेन्नई सुपरकिंग टीम में दिल्ली को 86 रनों से बुरी तरह हरा दिया था, जिससे दिल्ली आईपीएल-6 में लगातार 6 मैचों में हार गई। इस तरह डेयरडेविल्स आईपीएल की पहली टीम बन गई है जिसने किसी एक टूर्नामेंट में पहले छह मैच गंवाये हैं।बकौल जयवर्धने, यदि हम खुद पर विश्वास नहीं कर पाते तो फिर टूर्नामेंट में बने रहने का कोई मतलब नहीं है। हमें खुद पर यह विश्वास करने की जरूरत है कि हम वापसी कर सकते हैं। प्रत्येक जीत रहा है केवल हमारी टीम के अंक नहीं हैं। यदि हम दो तीन मैच जीत जाते हैं तो कुछ स्थान आगे बढ़ जाएंगे। हमें अब यह दिखाना होगा कि हमारी टीम अच्छी है।उन्होंने आगे कहा, हमने अब तक केवल दो मैचों में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। मुंबई इंडियन्स के खिलाफ मुंबई और दिल्ली (चेन्नई के खिलाफ) हमने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। लेकिन अन्य मैचों में हमने आखिर तक हार नहीं मानी और हमारे पास अवसर थे।जयवर्धने ने कहा, हमें अब तक कम से कम दो मैच जीतने चाहिए थे लेकिन हम सही तरह से अंत नहीं कर पाए। इस तरह के टूर्नामेंट में यदि आपके प्रदर्शन में निरंतरता नहीं है तो इस पर काम करने की जरूरत होती है। इसलिए अब प्रत्येक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।हालांकि जयवर्धने ने यह बात मानने से इन्कार कर दिया कि टीम को केविन पीटरसन की कमी खल रही है या वीरेंद्र सहवाग का खराब प्रदर्शन टीम पर भारी पड़ रहा है।उन्होंने कहा, केपी पहला इंसान होगा जो यह स्वीकार करेगा कि यह केवल एक खिलाड़ी के कारण नहीं है। पिछले साल हमने अच्छी शुरुआत की और प्रत्येक खिलाड़ी फार्म में था जिससे हमें दबदबा बनाने में मदद मिली।जयवर्धने ने कहा, इसका कारण केवल वीरू भी नहीं है। केवल उनके होने से हमारी परेशानियों का निदान नहीं हो सकता। हमें बल्लेबाजी में निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत है तथा टी20 में चोटी के चार या पांच बल्लेबाज अधिकतर ओवर खेलते हैं। हमने इस पर बात भी की लेकिन दुर्भाग्य से इसे लागू नहीं कर पाये। टी20 मैचों में इसी से अंतर पैदा होता है। भारत के घरेलू खिलाडि़यों का अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाना टीम पर भारी पड़ रहा है के सवाल पर जयवर्धने ने कहा, मैं समझता हूं कि हमारे पास कुछ अच्छे खिलाड़ी हैं। उन्मुक्त (चंद ) ने भारतीय अंडर 19 टीम और दिल्ली की तरफ से अच्छा प्रदर्शन किया है। मनप्रीत ( जुनेजा ) और केदार ( जाधव ) भी अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। जब टीम हार रही हो तो कमजोरियां निकालना आसान होता है। यह बल्ले और गेंद के बीच की जंग है जिसे हम नहीं जीत पा रहे हैं।चेन्नई के खिलाफ दिल्ली की टीम 83 रन पर लुढ़क गयी। जयवर्धने ने कहा, इस विकेट पर 160- 170 रन का स्कोर अच्छा था क्योंकि आउटफील्ड काफी तेज थी। हमें अच्छी शुरुआत और उन पर दबाव बनाने की जरूरत थी जैसे कि पिछले मैच में 16वें ओवर के बाद हमने किया था। लेकिन हमने शुरू में ही बहुत अधिक विकेट गंवा दिये।

By parshv