भारतीय सभ्यता के अनुसार व्यक्ति की यदि एक शादी हो चुकी है तो वह दूसरी शादी नहीं कर सकता जब तक पहली पत्नी का देहांत न हो जाये या फिर वह उसे तलाक न दे दे। लेकिन मुंबई से 150 किमी. की दूरी पर देंगंमल गाँव में हर एक व्यक्ति तीन शादिया करता है वह भी अपनी पहली पत्नी को बिना तलाक दिए।
आज भी इस गाँव के लोग एक प्रथा का सदियों से पालन करते आ रहे है। इस गाँव में हर व्यक्ति एक नहीं दो नहीं बल्कि तीन तीन शादिया करता है। आपको जानकर आश्चर्य होगा लेकिन वहा के लोग इसे एक प्रथा का नाम देते है। और बेझिझक तीन शादिया करते है और साथ में रहते है। वह ऐसा इसलिए करते है ताकि घर को पर्याप्त पानी मुहैया हो सके। यहाँ पर कोई भी पुरुष अपनी पहली पत्नी को तलाक दिए बिना हिओ तीन शादिया करता है, और वह दोनों तीनो पत्निया एक ही घर में आपस में मिलजुल कर रहती हैं।
गर्मी के दिनों में यहाँ के कुएं सूख जाते हैं। पानी की तलाश में लोगों को मीलों दूर चलकर जाना पड़ता है। ताकि परिवार को पानी मिल सके। कहा जाता है की 15 लीटर पानी लाने के लिए उन्हें दूर तक चलकर जाना पड़ता है इस काम में उन्हें तक़रीबन 12 घंटो का समय लगता है। पानी दूर से लेन के कारन घर के अन्य कामो में कई तरह की बाधा आती है। परिवार का संतुलन बनाने के लिए पुरुष तीन बार शादी करते है। ताकि घर में जितने अधिक मेंबर रहेंगे उतना की अधिक पानी घर में आएगा।