मुंबई को रौंदने में रही कामयाब दिल्ली और इस जीत के सबसे बड़े नायक बने वीरेंद्र सहवाग। वीरू ने विस्फोटक 95 रनों की पारी खेली लेकिन उन्हें इस पारी के लिए किसने दिया गुरुमंत्र।हर शॉट्स में वही नफासत, वही आक्रमकता, स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों की जुबान पर बस एक ही नाम सहवाग, सहवाग और सहवाग। आखिरकार काफी दिनों के बाद सहवाग लौटे शानदार फॉर्म में। सह… 
मुंबई को रौंदने में रही कामयाब दिल्ली और इस जीत के सबसे बड़े नायक बने वीरेंद्र सहवाग। वीरू ने विस्फोटक 95 रनों की पारी खेली लेकिन उन्हें इस पारी के लिए किसने दिया गुरुमंत्र।हर शॉट्स में वही नफासत, वही आक्रमकता, स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों की जुबान पर बस एक ही नाम सहवाग, सहवाग और सहवाग। आखिरकार काफी दिनों के बाद सहवाग लौटे शानदार फॉर्म में। सहवाग में दिखा वही पुराना विस्फोटक अंदाज जिसके लिए जाने जाते है वीरू। कोटला के मैदान खूब चला सहवाग का बल्ला। नजफगढ़ के नवाब ने ऐसा बल्ला घुमाया कि इंडियंस की हिल गई दुनिया। लेकिन वीरू कोटला में किंग बने तो उसके पीछे सर विवियन रिचर्ड्स का हाथ रहा। रिचर्ड्स के दिल्ली टीम के साथ जुड़ने से ही लौट आया वीरू का अंदाज और यह बात खुद वीरू ने मानी।वीरू के वार के आगे नहीं चला किसी का जोर। 162 रनों का स्कोर भी साबित हुआ सहवाग के सामने छोटा। कप्तान पॉन्टिंग ने वीरू को रोकने के लिए हर दांव आजमाया लेकिन वीरू के इस तेवर के आगे पॉन्टिंग की सारी चलाकी धरी की धरी रह गई। वीरु ने पहले 31 गेंदों में 6 चौके और 2 छक्कों की मदद से पूरा किया सीजन सिक्स में अपना पहला अर्धशतक लेकिन वीरू यहीं पर नहीं रुके। टीम को शानदार जीत दिलाकर ही लौटे वीरू पवेलियन। वीरू ने महज 57 गेंदों में 13 चौके और 2 छक्कों की मदद से बनाए नाबाद 95 रन। कुल मिलाकर साफ है कोटला के मैदान पर अगर दिल्ली की टीम जीत की पटरी पर लौटी तो उसकी सबसे बड़ी वजह बने वीरेंद्र सहवाग और उनके गुरु रिचडर्स की जोड़ी।