नवीन शैक्षणिक सत्र में जिले के शत प्रतिशत बच्चे स्कूलों में दाखिल हो, स्कूलों के परिसर अतिक्रमण से मुक्त किए जाए, जो स्कूल भवन जर्जर है, उनकी सूची प्रस्तुत की जाए। यह निर्देश जिले के प्रभारी मंत्री श्री दीपक जोशी ने आज संपन्न जिला योजना समिति की बैठक में दिए। बैठक में सांसद श्री कांतिलाल भुरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री प्रमेश मईड़ा, विधायकगण श्री राजेन्द्र पाण्डेय, श्री मथुरालाल डामर, श्रीमती संगीता चारेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री डी.पी. धाकड़, महापौर डॉ. सुनीता यार्दे, श्री कान्हसिंह चौहान, कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान, एसपी श्री अमित सिंह, सीईओ जिपं श्री सोमेश मिश्रा, जिला योजना समिति के सदस्यगण तथा अधिकारी उपस्थित थे।
प्रभारी मंत्री श्री जोशी ने बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी से पूछा कि बोर्ड परीक्षा परिणामों मे रतलाम जिला इस वर्ष पिछड़ क्यों गया है? जिला शिक्षा अधिकारी ने सीबीएसई पेटर्न तथा अतिथि शिक्षकों द्वारा संस्था में ज्वाइनिंग नहीं करने को कारण बताया, प्रभारी मंत्री द्वारा उत्तर से असंतुष्ट रहते हुए निर्देशित किया कि कलेक्टर द्वारा संस्था प्राचार्यां की तत्काल बैठक बुलवाई जाए। इसमें परीक्षा परिणामों की समीक्षा की जाए। बैठक में सदस्यों द्वारा शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत जावरा में प्रायवेट स्कूलों में भर्ती बच्चों से फीस लिए जाने की बात कही गई। प्रभारी मंत्री ने इस संबंध में जांच कार्यवाही के निर्देश दिए।
बैठक में जिपं उपाध्यक्ष श्री धाकड़ ने जननी सुरक्षा वाहनों में प्रसूता महिलाओं को बैठने में होने वाली परेशानियों तथा वाहनों के रास्ते में रूक जाने का जिक्र किया। इस पर प्रभारी मंत्री ने सीएमएचओ को निर्देशित किया कि जिले के सभी जननी सुरक्षा वाहनों की जानकारी प्रस्तुत की जाए। यदि वाहन असुविधाजनक है तो उनके स्थान पर दूसरे टाईप के वाहन प्रयुक्त करवाए जाएंगे।
बैठक में बताया गया कि विगत दिनों से जिले में संचालित हुए अभियान के तहत पंजीकृत किए गए मजदूरों में से 91 प्रतिशत मजदूरों का सत्यापन किया जा चुका है। जो गलत पाए गए है उन्हें हटाया गया है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि योजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। अब इन मजदूरों को योजनाओ का लाभ दिलाने के लिए प्रशासन आगे आए।
बैठक में सदस्यों द्वारा कहा गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में ग्राम रोजगार सहायकों द्वारा हितग्राहियों को परेशान किया जा रहा है उनको निर्माण हेतु किश्त दिलवाने में समस्या खड़ी की जा रही है। राशि मांगी जा रही है। प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि आगामी 3 दिवस में जिले के सभी जीआरएस की बैठक आयोजित की जाकर उनको समझा दिया जाए कि अब उनकी शिकायत आती है तो नौकरी चली जाएगी। सीईओ जिपं ने बताया कि इस योजना में वर्ष 2016-17 में 7802, वर्ष 2017-18 में 6314 तथा वर्ष 2018-19 में अब तक 1067 स्वीकृति के विरूद्ध 7 आवासां का निर्माण पूर्ण किया गया है।
बैठक में प्रभारी मंत्री सहित सांसद एवं विधायकगणों द्वारा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश ग्रीष्म के मद्देनजर दिए गए। प्रभारी मंत्री श्री जोशी, सांसद श्री कांतिलाल भुरिया ने पीएचई को निर्देशित किया कि जहां जरूरत हो नलकूप खनन करवाए, मोटरों की स्थापना करवाए, पाईपलाईन बढ़वाए, गहरा खनन करवाए। अंतिम विकल्पों के रूप में टैंकरों से पानी की व्यवस्था करवाए। कार्यपालन यंत्री ने बताया कि जैसे ही सूचना मिलती है। कार्यवाही की जाकर जल उपलब्धता सुनिश्चित की जाती है। जावरा में वर्तमान पानी के स्त्रोत में पानी की कमी की बात कही गई। इस पर प्रभारी मंत्री ने बड़ावदा के डेम से पानी लेने का विकल्प तैयार करने के निर्देश दिए। विधायक सैलाना द्वारा बाजना क्षे़त्र के फ्लोराईड संयंत्रों के बंद पड़े होने की बात कही गई है। बताया गया कि 3-4 दिनों संयंत्र चालु कर दिए जाएंगे। मचुन डेम की जानकारी दी गई कि डीपीआर भेज दी गई है, इसके बनने पर 2 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई की जा सकती हैं। गड़ावदिया, अमरपुरा, सिंचाई परियोजनाओं के पेमेण्ट शीघ्र हो जाएंगे। कनेरी डेम की धीमी प्रगति पर संबंधित निर्माण एजेंसी को नोटिस जारी किया जाकर उसका पंजीयन निलंबन का प्रस्ताव भेजा गया है।
बैठक में कलेक्टर ने बताया कि जिन ग्रामों में पेयजल समस्या परिलक्षित है, उन गांवों में पंचायत सचिव पंच परमेश्वर योजना की 10 प्रतिशत राशि पेयजल के लिए मोटर व पाईपलाईन हेतु इस्तेमाल कर सकते हैं। जावरा विधायक श्री राजेन्द्र पाण्डेय ने पेयजल योजनाओं में विद्युत कनेक्शन राशि के संबंध में मुद्दा उठाया, इस पर बताया गया कि विद्युत कंपनी को कनेक्शन राशि सीधे राज्य स्तर से ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रदान की जाती है। विधायक श्री पाण्डेय ने निर्देशित किया कि जिन गांवों की पेयजल परियोजनाओं में मोटर डालने का मुद्दा है, उन गावां की सूची मंगवाई जाए। श्री पाण्डेय ने यह भी कहा कि जहां पानी का एकमात्र स्त्रोत है, वहां पेयजल परिवहन की व्यवस्था की जाए। विधायक रतलाम ग्रामीण श्री मथुरालाल डामर ने पीएचई को निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर लाल पानी आने की समस्या है, वहां ट्रीटमेंट के लिए कार्य योजना पर तत्काल अमल किया जाए।