सरकार के चार साल पूरा होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश को सबसे हाईटेक एक्सप्रेस-वे का तोहफा देंगे. अब से कुछ देर में पीएम मोदी 11,000 करोड़ की लागत से बने 135 किमी. ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे. यह हाई-वे दिल्ली के नजदीक हरियाणा के कुंडली को हरियाणा के पलवल से जोड़ेगा.
पीएम मोदी हरियाणा के कुंडली पहुंचे, जहां उन्होंने थ्री डी गैलरी का उद्घाटन किया. पीएम मोदी बागपत में एक रैली को भी संबोधित करेंगे. प्रधानमंत्री के साथ इस कार्यक्रम में यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर, यूपी के राज्यपाल राम नाइक, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, सांसद सत्यपाल मलिक आदि मौजूद रहे.
योगी बोले- यूपी को मिलेगा फायदा
रैली में यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम सभी के लिए आज का दिन काफी महत्वपूर्ण है. एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करने पीएम मोदी खुद इस किसान बाहुल्य क्षेत्र में आएं हैं. उन्होंने कहा कि इसे पूरा करने के लिए 910 दिन का टारगेट रखा गया था, लेकिन सिर्फ 500 दिन में ही पूरा कर दिया गया है. योगी बोले कि एक्सप्रेस-वे के लिए किसानों को जमीन का सही मुआवजा मिला है.
योगी ने कहा कि अगले साल तक यहां के गन्ना किसानों की समस्या खत्म हो जाएगी और यहां की मिल दोगुनी रफ्तार से काम करेगी. उन्होंने कहा कि यूपी की सरकार किसानों के लिए काम कर रही है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सभी गन्ना किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलवाएगी.
मार्च 2019 तक पूरा होगा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आज देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़ा दिन है. दो एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेस-वे की शुरुआत हो रही है. उन्होंने कहा कि आज दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे की शुरुआत हो गई है, हमने इसे बनाने में 30 महीने का लक्ष्य रखा था, जिसे 18 महीने में पूरा किया जाएगा. गडकरी ने कहा कि मार्च 2019 तक इसे पूरा कर दिया जाएगा और 4 घंटे का समय सिर्फ 40 मिनट में पूरा होगा.
ईस्टर्न पेरीफेरल देश का पहला राजमार्ग है जहां सौर बिजली से सड़क रोशन होगी. इसके अलावा प्रत्येक 500 मीटर पर दोनों तरफ वर्षा जल संचयन की व्यवस्था होगी. साथ ही इसमें 36 राष्ट्रीय स्मारकों को प्रदर्शित किया जाएगा तथा 40 झरने होंगे. इसे रिकॉर्ड 500 दिनों में पूरा किया गया है, इस एक्सप्रेस वे पर 8 सौर संयंत्र हैं. जिनकी क्षमता 4 मेगावाट है. प्रधानमंत्री ने इस परियोजना के लिये आधारशिला पांच नवंबर 2015 को रखी थी.
प्रदूषण से भी मिलेगी निजात
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे के शुरू होने से दिल्ली में 41 प्रतिशत तक ट्रैफिक जाम और 27 प्रतिशत तक प्रदूषण कम होने के दावे किए जा रहे हैं. इससे राजधानी दिल्ली को वाहनों के बड़े बोझ से मुक्ति मिलेगी. यही नहीं इस एक्सप्रेस-वे के खुलने से कोलकाता से सीधे जालंधर-अमृतसर और जम्मू आने-जाने वाली गाड़ियों खासकर ट्रकों को भी फायदा होगा.
ये हैं ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे की खासियतें:-
1) 135 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे गाजियाबाद, फरीदाबाद, पलवल और ग्रेटर नोएडा के बीच सिग्नल फ्री कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा.
2) इस एक्सप्रेस-वे पर लाइटिंग की पूरी सुविधा सोलर पैनल के जरिए की जाएगी. यही नहीं इसका दृश्य भी बेहद सुंदर होगा क्योंकि इस एक्सप्रेस-वे के किनारों पर तकरीबन 2.5 लाख पेड़ लगाए जाएंगे.
3) अब तक यूपी से हरियाणा और हरियाणा से यूपी जाने वाले तकरीबन दो लाख वाहन प्रतिदिन दिल्ली से होकर सफर करते थे. इसके शुरू होने पर ये वाहन दिल्ली को बाईपास कर निकलेंगे, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी .
4) नेशनल एक्सप्रेस-वे 2 कहे जाने वाले इस मार्ग पर पेट्रोल पंप, रेस्ट एरिया, होटल, रेस्तरां, दुकानों और रिपेयर सर्विसेज की सुविधा उपलब्ध रहेगी.
5) हर 500 मीटर की दूरी पर रेनवॉटर हार्वेस्टिंग की भी व्यवस्था होगी. ड्रिप इरिगेशन की तकनीक के चलते इस पानी से ही पेड़ों की सिंचाई भी होगी.
6) स्वच्छ भारत मिशन को ध्यान में रखते हुए हर 2.5 किलोमीटर की दूरी पर टॉयलेट्स बनाए गए हैं. इस पूरे मार्ग पर 6 इंटरचेंज, 4 फ्लाईओवर, 71 अंडरपास और 6 आरओबी हैं. इसके अलावा यमुना और हिंडन पर दो बड़े पुल हैं.