हिंदू धर्म के अनुसार मनुष्य के जीवन में 16 महत्वपूर्ण संस्कार बताए गए हैं। जिनमें सबसे महत्वपूर्ण संस्कार है विवाह संस्कार। विवाह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके बाद लड़के-लड़कियों के साछ-साथ दो परिवारों का जीवन बदल जाता है। इसी वजह से विवाह से पहले कई पूछ-परख होती है। वहीं विवाह से पहले हम सब अच्छे जीवनसाथी की तलाश करते हैं। अधिकांश कुंवारे लड़के चाहते हैं कि उनकी पत्नी सुंदर हो। इस इच्छा की पूर्ति के लिए शास्त्रों में कई उपाय बताए गए हैं। जिन्हें करके हम अपने जीवनसाथी की तलाश बेहतर तरीके से कर सकते हैं।
हिंदू धर्म ग्रन्थों के अनुसार दुर्गा मां की पूजा करने से भक्तों की हर मनोकामना पूरी हो जाती है। वैसे तो माता दुर्गा से संबंधित अनेक ग्रंथों में दुर्गासप्तशती का स्थान महत्वपूर्ण है। जो व्यक्ति विधि-विधान से दुर्गासप्तशती का पाठ करता है, उसके बुरे से बुरे दिन दूर हो जाते हैं और हर मनोकामना पूरी होती है। ऐसे में अगर आप सुंदर और सुशील पत्नी चाहते हैं, तो दुर्गासप्तशती में 1 मंत्र बताया गया है। रोज इस मंत्र का जाप करने से आपकी इच्छा पूरी हो सकती है।
इस मंत्र का करें जाप
पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानु सारिणीम्।
तारिणींदुर्गसं सारसागरस्य कुलोभ्दवाम्।।
इस तरीके से करें मंत्र का जाप
सुबह जल्दी नहाकर, साफ वस्त्र पहनकर देवी दुर्गा की पूजा करें। देवी दुर्गा की मूर्ति या चित्र के सामने आसन लगाकर रुद्राक्ष की माला लेकर इस मंत्र का जाप करें। प्रतिदिन पांच माला जाप करने से आपकी इच्छा पूरी हो सकती है। याद रहे के आप जिस आसन का उपयोग करें वह आसन कुश का हो। रोज एक ही समय पर, एक ही आसन पर बैठकर और एक ही माला से मंत्र जाप करें। ऐसा करने से मंत्र जल्दी ही सिद्ध हो सकता है।
इस अप्सरा की करें पूजा
शास्त्रों में अलग-अलग इच्छाओं की पूर्ति के लिए अलग-अलग देवी-देवताओं की पूजा करने का विधान है। जिन युवाओं की इच्छा है कि उन्हें बहुत सुंदर पत्नी मिले, उन्हें अप्सरा उर्वशी की पूजा करनी चाहिए। हिन्दू धर्म ग्रंथों में कई स्थानों पर अप्सरा उर्वशी का उल्लेख मिलता है। देवराज इंद्र के स्वर्ग में कई अप्सराएं बताई गई हैं इन्हीं में से उर्वशी का महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसा माना जाता है कि उर्वशी ने अपनी सुंदरता से पलभर में ही बड़े-बड़े ऋषि-मुनियों और तपस्वियों की तपस्या को भंग की है। इसी वजह से जो व्यक्ति इस अप्सरा की पूजा करता है उसे सुंदर पत्नी की प्राप्ति होती है।
अप्सरा उर्वशी की पूजा विधिवत तरीके से होनी चाहिए। इसके लिए व्यक्ति को किसी शुभ मुहूर्त का किसी विशेष दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नित्य कर्मों से निवृत्त हो जाए। इसके बाद घर में किसी शांत एवं पवित्र स्थान की दीवार पर अप्सरा उर्वशी का चित्र बनाएं। चित्र काल्पनिक रूप से किसी स्त्री के आकार का बनाया जाना चाहिए। इसके बाद उस चित्र को उर्वशी मानकर उसका पूजन करें। धूप-दीप, ध्यान करें। हार-फूल चढ़ाएं, प्रसाद अर्पित करें। साथ ही कामना करें कि पूजा करने वाले व्यक्ति को सुंदर और सर्वगुण संपन्न पत्नी प्राप्त हो जाए। इस पूजा से व्यक्ति की सुंदर पत्नी प्राप्त होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।