लोकसभा में मंगलवार को आम बजट बिना चर्चा के पारित कर दिया गया। विपक्षी दलों के वॉकआउट के बीच सदन ने विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों और वित्त विधेयक-2013 को बिना चर्चा के ही पारित कर दिया।आखिर कार लोकसभा में बजट पारित होने की प्रक्रिया पूरी हो गई। वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने रेलवे को अतिरिक्त बोझ से बचाने के लिये उसे 1 जुलाई 2012 से 1 अक्तूबर 201… 
लोकसभा में मंगलवार को आम बजट बिना चर्चा के पारित कर दिया गया। विपक्षी दलों के वॉकआउट के बीच सदन ने विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों और वित्त विधेयक-2013 को बिना चर्चा के ही पारित कर दिया।आखिर कार लोकसभा में बजट पारित होने की प्रक्रिया पूरी हो गई। वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने रेलवे को अतिरिक्त बोझ से बचाने के लिये उसे 1 जुलाई 2012 से 1 अक्तूबर 2012 के दौरान सेवाकर से छूट देने की घोषणा की। चिदंबरम ने लोकसभा में वित्त विधेयक को मतदान के लिये पेश करते हुए अपनेसंक्षिप्त वक्तव्य में उन्होंने संपत्ति कर के मुद्दे पर संशोधन पेश किया क्योंकि आशंका जताई जा रही थी कि कृषि भूमि संपत्ति कर के दायरे में आ गयी है।लोकसभा द्वारा वित्त विधेयक और विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों को मंजूरी दिये जाने के बाद सरकार ने कहा कि वह खाद्य सुरक्षा और भूमि अधिग्रहण से जुडे विधेयकों को पारित कराने के प्रयास जारी रखेगी, क्योंकि ये विधेयक भी महत्वपूर्ण हैं। वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘मैं नहीं मानता यह कहना सही है कि वित्त विधेयक पारित होने के साथ ही सरकार की चिन्ताएं खत्म हो गईं या फिर उसकी रुचि खत्म हो गयी। मेरे हिसाब से अन्य सभी विधेयक भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं और मेरा मानना है कि इन विधेयकों को पारित कराने के प्रयास होने चाहिए।’चिदंबरम की यह टिप्पणी पार्टी की ओर से इन स्पष्ट संकेतों के बीच आयी है कि वह खाद्य सुरक्षा और भूमि अधिग्रहण से जुडे विधेयकों को इसी सत्र में पारित कराने की इच्छुक है।वहीं यह पूछने पर कि क्या उन्हें बजट सत्र में ही इन विधेयकों के पारित होने की उम्मीद है, चिदंबरम ने कहा कि हम इन विधेयकों पर चर्चा और इन्हें पारित कराने के लिए तैयार हैं।लोकसभा ने आज वित्त विधेयक और विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों को बिना चर्चा पारित कर दिया। इस दौरान विपक्ष ने वाकआउट किया। अटकलें ये भी हैं कि यदि सरकार विपक्ष के साथ कोई समझौता करने में विफल रही तो सदन की बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित की जा सकती है। विपक्ष कोयला घोटाले को लेकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफे और कानून मंत्री अश्वनी कुमार की बर्खास्तगी की मांग कर रहा है।हाललांकि वित्त मंत्री ने इस सवाल का जवाब देने से इंकार कर दिया कि क्या कानून मंत्री पद पर बने रहेंगे?