उच्चतम न्यायलय ने सड़क मे गड्ढों की वजह से होने वाली मौतों पर चिंता जताई है। वीरवार को कोर्ट ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पिछले पांच वर्ष में सड़कों पर हुए गड्ढों के कारण मरने वालों की संख्या सीमा पर या आतंकवादियों द्वारा की गई हत्याओं से ज्यादा है।
न्यायालय ने सड़कों पर गड्ढों के कारण मौतों को ‘‘अस्वीकार्य’’ बताते हुए कहा कि इससे पता चलता है कि अधिकारी सड़कों की देखरेख नहीं कर रहे हैं। पीठ ने उच्चतम न्यायालय समिति की ओर से दायर रिपोर्ट पर केन्द्र से जवाब मांग। इससे पहले भी कोर्ट ने इस मामले पर चिंता जाहिर रिते हुए कहा था कि मौत इस तरह से हो यह दुर्भाग्यपूर्ण है, यह किसी इंसान की जिंदगी और मौत का गंभीर सवाल है।
गौरतलब है कि देश भर में सड़क पर गड्ढों की वजह से होने वाली मौतों की संख्या में साल दर साल इजाफा हो रहा है। गत जुलाई में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आधिकारिक आंकड़ों पर संज्ञान लिया था, जिसके मुताबिक, 2017 में 3597 लोगों की मौत गड्ढों के कारण सड़क दुर्घटना में हुई थी जबकि उस वर्ष आतंकी हमलों में 803 लोगों की मौत हुई थी।