आजकल बच्चों और युवाओं में ऑनलाइन का क्रेज बहुत बढ़ रहा है। इस समय ‘पबजी गेम’ इंटरनेट पर खूब वायरल हो रही है। गूगल प्लेस्टोर पर इस गेम को 50 मिलियन से भी ज्यादा बार डाउनलोड कर चुके हैं। इस गेम को खेलने के लिए युवा इतने आदी हो चुके हैं कि दिन-रात फोन के साथ ही चिपके रहते हैं। जो एडिक्शन के रूप मेें सामने आ रही है, अगर आपका बच्चा भी पबजी खेलते समय आपको नजरअंदाज कर रहा है तो सावधान हो जाएं।
‘पबजी गेम’ पहुंचा रही है नुकसान
बिना किसी फिजीकल मूवमेंट और खाए-पिए इस गेम को लगाताक खेलना बच्चे को सेहत संबंधी कई नुकसान पहुंचा रहा है। इससे अनिद्रा, भूख की कमी, मानसिक परेशानी, परिवार के साथ आपसी तालमेल की कमी आदि सहित कई परेशानियां आ रही है।
बच्चों के लिए क्यों है ‘पबजी’?
गेम के कई तरह के हाईटेक फीचर हैं जिसमें अट्रैक्टिव ग्राफिक्स के साथ-साथ मोशन सेंसरिंग टेक्नोलॉजी और पावरफुल साउंड का इस्तेमाल किया गया है। जो बच्चों को बहुत पसंद आ रहा है। लड़कियों से ज्यादा लड़के इसे पसंद कर रहे हैं क्योंकि यह एक्शन गेम है।
यूजर्स को मिलते हैं कई तरह के हिंसक उपकरण
इस गेम के मिशन की शुरुआत में ही खाना, एनर्जी ड्रिंक, कपड़े, कार, गन आदि सामान इकट्ठा करना पड़ता है। इसके बाद सामने आने वाले दूसरे यूजर्स को मारना होता है जो अंत तक टिका रहता है जीत उसी की होती है।
बच्चे की मानसिक स्थिति हो रही है हिंसक
गेम में बच्चे के सीखने के लिए कोई भी अच्छी बात नहीं है। गेम में लड़ाई और मार-धाड़ का बच्चे को हिंसक बना रहा है। जो उसके व्यवहार पर कब्जा कर रहा है। बच्चा अपने भाई-बहन और दोस्तों के साथ भी इसी तरह का व्यवहार करता है।