#metoo की चपेट में आए संस्कारी बाबूजी यानी एक्टर आलोक नाथ के खिलाफ ओशिवारा पुलिस स्टेशन में बलात्कार का मामला दर्ज किया गया है। वहीं रेप का आरोप झेल रहे आलोक की अग्रिम जमानत याचिका पर 28 दिसंबर को फैसला आने वाला था लेकिन अब इस फैसले को दो दिन के लिए टाल दिया गया है। अब इस याचिका पर 31 दिंसबर को फैसला सुनाया जाएगा। इस मामले में 26 दिसंबर को सुनवाई की गई थी।
31 दिसंबर को आएगा फैसला
रेप के आरोपों में घिरे एक्टर आलोक की अग्रिम जमानत याचिका पर अब 31 दिसंबर को फैसला सुनाया जाएगा। इस मामले को लेकर आलोक नाथ के वकील ने 13 दिसंबर को अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी। इसका विंता नंदा की वकील ने पुरजोर विरोध किया था। मामले में हुई बहस के दौरान आलोक नाथ के वकील ने सभी आरोपों को गलत बताया लेकिन विंता नंदा के वकील ने कहा कि अगर आलोक पर लगे आरोप सही नहीं हैं तो वो कानून का सामना करने से क्यों डर रहे हैं?
ये है पूरा मामला
MeToo मूवमेंट के जोर पकड़ने के बाद राइटर और डायरेक्टर विनता नंदा ने आलोक नाथ पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। 21 नवंबर को पुलिस ने एक्टर के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। विनता ने आलोक पर आरोप लगाते हुए कहा कि एक बार मैं आलोक नाथ के घर पर हुई पार्टी में शामिल हुई। वहां से देर रात दो बजे के करीब घर जाने के लिए निकली।
ड्रिंक में कुछ मिला दिया गया था। आलोक नाथ ने मुझे घर छोड़ने की पेशकश की। मैं उस पर भरोसा करके गाड़ी में बैठ गई। इसके बाद मेरे मुंह में और ज्यादा शराब डाली गई और मेरे साथ काफी हिंसा की गई। बाद में विनता ने यह भी कहा कि इस घटना के बारे में उन्होंने आलोक नाथ की पत्नी आशु को भी इस बारे में बताया था लेकिन उन्होंने उनकी कोई मदद नहीं की थी।