एक नगर में एक दुकानदार रहता था दुकानदार बहुत ही सीधा सादा था उसे दुनिया की कोई भी खबर नहीं थी सिर्फ वह अपने दुकान से और अपने घर तक ही मतलब रखता था
एक दिन जब दुकानदार अपनी दुकान बंद कर रहा था तो उसे काफी देर हो गई जब वह अपने दुकान बंद करके बाहर आया तो उसने देखा कि सभी लोग अपनी दुकान बंद करके घर जा चुके हैं जब वह अपने दुकान बंद कर रहा था तो वह से रास्ते में एक आदमी मिला
उस आदमी ने कहा कि मुझे कुछ सामान खरीदना है इस पर दुकानदार ने कहा आप तो बहुत रात हो चुकी है और अब तो यहां पर कोई सामान भी नहीं मिलेगा तुम कल आ जाना इस पर उस आदमी ने कहा कि मेरा सामान तो मुझे रात को ही मिलता है
क्योंकि मैं एक सौदागर हूं जो कि सामान रात को ही खरीदा हूं इस पर दुकानदार ने कहा कि तुम्हें क्या सामान चाहिए तो उसने कहा मैं कुछ भी ले लेता हूं लेकिन मुझे उसके पैसे नहीं देने पड़ते दुकानदार ने सोचा यह तो बहुत ही अच्छा व्यापार है जिसमें पैसे नहीं देने पड़ते हो सामान भी मिल जाता है
तो उसने कहा सौदागर से, कि मुझे भी यह काम बताओ सौदागर ने कहा ठीक है चलो हम तुम्हें यह काम बता देते हैं तुम्हें भी बहुत फायदा होगा और वह दुकानदार को लेकर एक मकान के सामने गया और दुकानदार से कहने लगा चुपचाप अंदर जाओ और जितना भी सामान है वहां से उठाकर अपने साथ ले चलो
दुकानदार बहुत ही सीधा सादा था उसे नहीं पता था कि वह सौदागर से चोरी करवा रहा है जैसे ही दुकानदार अंदर घुसा तो उसके हाथ से कोई चीज गिर गई और जिससे सभी मकान के अंदर के लोग जाग गए और उस दुकानदार को पीटने लगे
पिटने की आवाज सुनते ही सौदागर वहां से भाग गया और दुकानदार आदमियों से कहने लगा कि मैं यहां पर सामान लेने आया हूं तो अभी आदमी कहने लगे कि तुम चोर है यहां पर चोरी करने आया है इस पर उस दुकानदार को समझ में आ गया कि जब भी हम किसी का सामान लेते हैं और अगर उसे नहीं बताते तो यह चोरी होती है
तभी दुकानदार चिल्लाने लगा कि यह कैसा काम बता दिया मुझे यहां तो पिटाई भी होती है सौदागर को आवाज लगाने लगा कि मुझे बचाओ तभी आदमी समझ गई कि लगता है तो बहुत सारे हैं सबको ही पीटना पड़ेगा
जैसे ही लोग बाहर देखने के लिए आए कि कितने लोग हैं वही से ही दुकानदार खिड़की के सहारे वहां से भाग गया और दुकानदार ने अपने कान पकड़ लिए है कि ऐसा कोई भी काम नहीं करेगा जिसमें पिटाई होती है.