26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और संयुक्त राष्ट्र की ओर से घोषित ग्लोबल आतंकी हाफिज सईद के खिलाफ पाकिस्तान सरकार भी एक्शन मोड में हैं. जिस हाफिज सईद का पाकिस्तान लंबे वक्त से बचाव करता आया है, वह जल्द ही सलाखों के पीछे होगा.
पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान को घेरता रहा है. अब वैश्विक दबाव के चलते आतंकी हाफिज सईद को और उसके 12 सहयोगियों को बहुद जल्द गिरफ्तार किया जा सकता है.
आतंकी फंडिंग मामले में केस दर्ज
बुधवार को इमरान खान सरकार ने आतंकी फंडिंग के मामले में हाफिज सईद और उसके 12 सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई की थी. पाकिस्तान सरकार की इस कार्रवाई पर भारत सरकार की भी नजर है. अब आतंकी हाफिज सईद को पाकिस्तान सरकार कभी भी गिरफ्तार कर सकती है.
लेकिन पाकिस्तान की कार्रवाई पर भारत को भरोसा नहीं है. ऐसे कई मौके आए हैं, जब पाकिस्तान आतंकवाद के मुद्दे पर अपने पांव पीछे खींच लिए हैं.
एक्शन मोड में पाक सरकार
पाकिस्तान सरकार ने बुधवार को जमाद-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद और उसके तीन अन्य सदस्यों के खिलाफ आतंकवाद के लिए धन उपलब्ध कराने के मामले में मामला दर्ज किया था. पंजाब आतंकवाद निरोधक विभाग ने हाफिज के प्रतिबंधित संगठन के खिलाफ यह कार्रवाई की है.
आतंकवाद निरोधक कानून के तहत पांच प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ लाहौर, गुजरांवाला और मुल्तान में दावातुल इरशाद ट्रस्ट, मोएज बिन जवाल ट्रस्ट, अल अनफाल ट्रस्ट, अल मदीना फाउंडेशन ट्रस्ट और अलहमाद ट्रस्ट के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. इन मामलों में जिन्हें नामजद किया गया है, उनमें हाफिज सईद, अब्दुल रहमान मक्की, अमीर हमजा और मुहम्मद याहया अजीज शामिल हैं.
साथ ही पाकिस्तान के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट ने 26/11 मुबंई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खिलाफ 23 मामले दर्ज किए हैं. साथ ही 12 अन्य के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है जो आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को आर्थिक मदद देते थे.
घिर चुका है पाकिस्तान
पाकिस्तान वैश्विक तौर पर अलग-थलग पड़ चुका है. दबाव इतना है कि आतंकवाद के खिलाफ एक्शन मोड में पाकिस्तान की मजबूरी बन चुकी है. पाकिस्तान की पूरी अर्थव्यवस्था इस वक्त कर्ज पर निभर्र है. वैश्विक संगठन पाकिस्तान में आतंक को फलता-फूलता देखकर आर्थिक मदद से पांव पीछे खींच रहे हैं.
FATF से भी डरा पाकिस्तान
आतंकवादियों की फंडिंग रोक पाने में नाकाम पाकिस्तान पर फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की नजर बनी हुई है. FATF ने पाकिस्तान को सितंबर 2019 तक फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स के मानदंडों को पूरी करने का अल्टीमेटम दिया है.
फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स ने पिछले साल जून में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाला था. अगर पाकिस्तान इस संगठन से ब्लैकलिस्ट हो जाएगा तो पाकिस्तान वैश्विक तौर पर अलग-थलग पड़ जाएगा.