रतलाम जिले में स्वैच्छिक रक्तदान को बढावा देने के उद्देश्य से जनजागरूकता रैली निकाली गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर ननावरे ने बताया कि राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान माह का आयोजन 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर के मध्य किया जा रहा है। माह में अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने के लिए इस वर्ष की थीम ‘जीवन में एक बार रक्तदान अवश्य करें’ निर्धारित की गई है।
नोडल अधिकारी डॉ. योगेश नीखरा ने रैली को दो बत्ती चौराहे से हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। आरोग्यम नर्सिंग कालेज के विद्यार्थियों ने दो बत्ती घोडा चौराहे पर मानव श्रंखला बनाई। रैली न्यू रोड होकर लोकेन्द्र टाकीज चौराहा होते हुए जिला चिकित्सालय पहुंची। डॉ. नीखरा ने बताया कि 18 वर्ष से अधिक आयु के स्वस्थ व्यक्ति जिनका वजन 50 किलो या अधिक हो, रक्तदान कर सकते हैं। रक्तदान करने से शरीर में कोई कमजोरी नहीं आती है। सिविल सर्जन डॉ. आनंद चंदेलकर ने बताया कि जिला चिकित्सालय रतलाम में 19 अक्टूबर को स्व. श्री कैलाश जोशी की स्मृति में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
रैली में आरोग्यम नर्सिंग कालेज के विद्यार्थी ‘रक्तदान महादान’, ‘दान धर्म क्या ईश्वर पूजा रक्तदान सम धर्म ना दूजा’, ‘ रक्तदान का उठाओ बीडा, हर लो हर दुखिया की पीडा’ आदि नारों की तख्तियां लेकर चल रहे थे। रक्तदान माह के अंतर्गत आईएमए के चिकित्सकों के साथ सीएमई का आयोजन 20 अक्टूबर को प्रातः 11:00 बजे से आईएमए हाल में किया जाएगा। अंर्तविभागीय समन्वय बैठक आयोजित की जाना प्रस्तावित है जिसमें रोटरी क्लब, लायन्स क्लब, लियो क्लब एवं अन्य डेवलपमेंट पार्टनर, स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ समन्वय किया जाएगा।