कोरोना लॉकडाउन की वजह से देश के विभिन्न हिस्सों में प्रवासी मजदूर फंसे हुए हैं. कामकाज नहीं होने की वजह से श्रमिकों के सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है. हालांकि विभिन्न राज्यों में मजदूरों के रहने खाने के इंतजाम किए गए हैं. लेकिन इसके बावजूद दिल्ली में आनंद विहार बस अड्डा और मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन पर मजदूर अचानक जुट गए. बहुत से मजदूर कई दिनों तक पैदल चलकर अपने घर पहुंचे. इस बीच ये भी मांग उठी कि मजदूरों को उनके घर तक छोड़ने का इंतजाम किया जाए.
इस बीच, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मजदूरों के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. अशोक गहलोत ने सोमवार को कहा कि फ्लाइट से चलने वालों के लिए विमान सेवा बंद करने से पहले 4 दिन का समय दिया. मगर मजदूरों के लिए रात को 8 बजे आकर लॉकडाउन का ऐलान कर दिया. मजदूरों को समय नहीं दिया गया. देशभर में जो मजदूर जहां फंसे हैं वहां से आने चाहिए और जो जाना चाहते हैं उन्हें वहां जाने के लिए इंतजाम किए जाने चाहिए.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि हमने आज गृहमंत्री अमित शाह से फोन पर बातचीत की है और कहा है कि मजदूरों की समस्या हल कीजिए. जो लोग फंसे हैं उन्हें लाने का उपाय कीजिए.
अशोक गहलोत ने कहा कि मोदी सरकार ने राजस्थान समेत 4 राज्यों में केंद्र की टीम भेजी हैं, ताकि कोरोना वायरस के बाद के हालात का जायजा लिया जा सके. जयपुर में हमारे साथ उस टीम की बातचीत हुई और हमने कहा कि हमारे पास कोई समस्या नहीं है. सिर्फ गेहूं की समस्या है. दूसरी मजदूरों की समस्या है जिसे हल कीजिए.
यूपी के मजदूरों के बारे में सोचें सीएम योगी
इसी तरह कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से दूसरे राज्यों में फंसे यूपी के मजदूरों को लाने की मांग की थी. प्रियंका गांधी ने रविवार को वीडियो जारी करके यूपी सरकार से मजदूरों की मदद करने और उन्हें अलग अलग राज्यों से वापस लाकर उनके घरों तक पहुंचाने की अपील की थी.
प्रियंका गांधी ने जारी वीडियो में कहा था कि कई दिनों से जो यूपी के प्रवासी मजदूर अलग अलग प्रदेशों में फंसे हुए हैं, उनसे मैं बात कर रही हूं. मैंने राजस्थान में, दिल्ली में, सूरत में, इंदौर में, भोपाल में, मुंबई और अन्य प्रदेशों में फंसे हुए लोगों से बात की.
प्रियंका गांधी ने कहा कि मजदूरों की सबसे बड़ी समस्या क्या है? मज़दूरी करने के लिए ये अलग-अलग शहरों में गए. लॉकडाउन हुआ. मजदूरी बंद हो गई. आगे चलकर राशन भी ख़त्म हो गया. अब छह-छह लोग, आठ- आठ लोग एक कमरे में बंद हैं. राशन मिल नहीं रहा है. बहुत ही घबराए हुए हैं, बहुत ही डरे हुए हैं और किसी भी तरह से घर जाना चाहते हैं. उन्हें उनके घर छोड़ने का इंतजाम किया जाना चाहिए.