देश में जितने हाइवे पिछले तीन दशकों में बने उसके करीब आधे वाजपेयी सरकार ने महज़ पांच सालों में तैयार किए। यकीन करना थोड़ा कठिन हो सकता है लेकिन एनडीए को ये क्रैडिट खुद मौजूदा सरकार ने दिया है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक हलफनामे में केंद्र ने ये जानकारी दी है।
हलफनामे के मुताबिक 1980 में देश में राजमार्गों की कुल लंबाई 29,023 किलोमीटर थी जो 2012 में…

देश में जितने हाइवे पिछले तीन दशकों में बने उसके करीब आधे वाजपेयी सरकार ने महज़ पांच सालों में तैयार किए। यकीन करना थोड़ा कठिन हो सकता है लेकिन एनडीए को ये क्रैडिट खुद मौजूदा सरकार ने दिया है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक हलफनामे में केंद्र ने ये जानकारी दी है।
हलफनामे के मुताबिक 1980 में देश में राजमार्गों की कुल लंबाई 29,023 किलोमीटर थी जो 2012 में बढ़कर 76,818 किलोमीटर हो गई। यानी पिछले 32 सालों में देश के हाइवों का कुल 47, 795 किलोमीटर विस्तार हुआ। सरकार ने माना है कि इसमें से 23,814 किलोमीटर लंबा हाइवे नेटवर्क 1997 से 2002 के बीच बनाया गया। किसी भी पंचवर्षीय योजना के दौरान ये राजमार्गों का सबसे बड़ा विस्तार है। इसकी तुलना में यूपीए सरकार दस साल में भी सिर्फ 16 हज़ार किलोमीटर के हाइवे ही बनवा पाई।
सरकार ने ये हलफनामा उस जनहित याचिका के जवाब में दिया है जिसमें राजमार्गों को सुरक्षित बनाने के लिए दिशा निर्देश देने की मांग की गई है।