बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मानते हैं कि आतंकवाद पर काबू पाना आसान नहीं है। अलबत्ता, प्रदेश के सामने पैदा परेशानी की इस घड़ी में भी नीतीश मोदी को टारगेट करना नहीं भूलते।
नीतीश मीडिया के सामने आए थे धमाकों का अपडेट देने लेकिन मोदी का भूत इस संवेदनशील मौके पर भी नहीं उतार पाए। बीजेपी को वादा याद दिलाया, इस पर शिकवे किए। बहरहाल, आतंक पर नीतीश ने उ…

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मानते हैं कि आतंकवाद पर काबू पाना आसान नहीं है। अलबत्ता, प्रदेश के सामने पैदा परेशानी की इस घड़ी में भी नीतीश मोदी को टारगेट करना नहीं भूलते।
नीतीश मीडिया के सामने आए थे धमाकों का अपडेट देने लेकिन मोदी का भूत इस संवेदनशील मौके पर भी नहीं उतार पाए। बीजेपी को वादा याद दिलाया, इस पर शिकवे किए। बहरहाल, आतंक पर नीतीश ने उसी थ्योरी की वकालत की जिसकी वजह से कई बार दिल्ली में बैठी सरकार की किरकिरी हो चुकी है। नीतीश खुलेआम कहते हैं कि आतंक को रोकना मुमकिन नहीं।
इस वक्त सबसे बड़ी जरूरत आतंक के खिलाफ एकजुटता और मजबूती दिखाने की है लेकिन सवाल यह है कि अगर प्रदेश के सीएम ही हाथ खड़े कर लेंगे तो उनकी पुलिस और सुरक्षा में जुटी एजेंसियों का क्या होगा? हद तो ये कि ऐसे मौके पर भी उनकी चिंता सुरक्षा से ज्यादा मोदी को लेकर है।
हालात सामान्य करने की कवायदमहाबोधि मंदिर में रविवार को हुए आतंकी हमले की दुनिया भर में कड़ी निंदा हो रही है। वहीं शांति के संदेश के साथ महाबोधि मंदिर में हालात सामान्य करने की कवायद जारी है। महाबोधि मंदिर में आज भगवान बुद्ध को खीर का भोग लगाया गया है।