मोदी इन दिनों मुंबई की सड़कों पर खूब नजर आ रहे हैं। अब तक अपने काम का बखान करने वाले मोदी ने जब खुद के हिन्दू राष्ट्रवादी होने पर गौरव किया तो उनके चाहने वाले भी उसी रंग में रंग गए।
गुजरात के मोदी इन दिनों महाराष्ट्र में कुछ इस अंदाज में नजर आ रहे हैं। कई भाषाओं में लगी इन होर्डिंग्स में मोदी का वही जुमला है, जिसको लेकर पिछले दिनों विवाद हुए। लेकिन…

मोदी इन दिनों मुंबई की सड़कों पर खूब नजर आ रहे हैं। अब तक अपने काम का बखान करने वाले मोदी ने जब खुद के हिन्दू राष्ट्रवादी होने पर गौरव किया तो उनके चाहने वाले भी उसी रंग में रंग गए।
गुजरात के मोदी इन दिनों महाराष्ट्र में कुछ इस अंदाज में नजर आ रहे हैं। कई भाषाओं में लगी इन होर्डिंग्स में मोदी का वही जुमला है, जिसको लेकर पिछले दिनों विवाद हुए। लेकिन बीजेपी के पास इन दिनों मोदी को लेकर किए जाने वाले हर सवाल का जवाब है।
मोदी के आगे पहले आडवाणी समेत बीजेपी के कई क्षत्रप बौने पड़ गए और अब गुजरात से आगे दूसरे राज्यों में भी स्थानीय नेता और मुद्दे हाशिये पर हैं। पक्ष-विपक्ष की राजनीति मोदी के नाम पर ही चल पड़ी है।
अब तक ये साबित हो चुका है कि मार्केटिंग में मोदी का जवाब नहीं लेकिन सवाल गुजरात से बाहर इसके वोट में तब्दील होने पर है और इसके लिए इंतजार करना होगा चुनावों तक।
क्या बीजेपी में सबकुछ ठीक चल रहा है? क्या मोदी पर बीजेपी बंट गई है? बीजेपी के पोस्टर तो कुछ ऐसा ही बयां कर रहे हैं। एक तरफ मुंबई में मोदी के पोस्टर जगह जगह देखे जा सकते हैं तो वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के उज्जैन में मोदी को बीजेपी के पोस्टर्स में जगह ही नहीं मिली है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जन आशीर्वाद यात्रा के लिए लगाए गए पोस्टर्स से मोदी नदारद हैं। पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह, वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी के साथ ही अटल बिहारी वाजपेयी भी इस पोस्टर में शामिल हैं लेकिन नरेन्द्र मोदी को जगह नहीं मिली है।