पाकिस्तान में बैठे लश्कर आकाओं की मदद से हिंदुस्तान में खूनखराबा करने वाले आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन पर विवादास्पद ट्वीट करने वाले कांग्रेस महासचिव शकील अहमद पर जब चौतरफा हमले हुए तो आखिरकार उन्हें अपने ही बयान से पीछे हटना पड़ गया। कल तक IM को गुजरात दंगों की पैदाइश बता रहे शकील अहमद ने अब ट्वीट किया है कि मुझे आश्चर्य है कि मेरे ट्वीट पर इतना…

पाकिस्तान में बैठे लश्कर आकाओं की मदद से हिंदुस्तान में खूनखराबा करने वाले आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन पर विवादास्पद ट्वीट करने वाले कांग्रेस महासचिव शकील अहमद पर जब चौतरफा हमले हुए तो आखिरकार उन्हें अपने ही बयान से पीछे हटना पड़ गया। कल तक IM को गुजरात दंगों की पैदाइश बता रहे शकील अहमद ने अब ट्वीट किया है कि मुझे आश्चर्य है कि मेरे ट्वीट पर इतना हंगामा क्यों हो रहा? मीडिया इसे इतना हाइप क्यों कर रहा? मैंने NIA चार्जशीट की ही तो बात की है।
जाहिर है शकील अहमद झूठ पर टिके अपने बयान का सारा दोष अब भारत सरकार की जांच एजेंसी और मीडिया पर डालकर बच निकलना चाहते हैं।
शकील अहमद के पीछे हटने की वजह बनी उनकी अपनी ही पार्टी कांग्रेस जिसके नेताओं को रविवार को दिनभर शर्मिंदगी झेलनी पड़ी और बयान से पल्ला झाड़ने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। हालत ये हो गई कि देश के गृहमंत्री सुशील शिंदे सवालों के जवाब से कतराते नजर आए।
इससे पहले विरोधी दल बीजेपी ने शकील अहमद को ईंट का जवाब पत्थर से दिया। बीजेपी प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने शकील अहमद को आतंक के मधुबनी मॉड्यूल के मुखिया की तरह पेश कर दिया।
इस बीच शकील अहमद के साथी कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह उनका साथ देने के लिए नई थ्योरी लेकर सामने आ गये। दिग्विजय सिंह ने कहा कि आतंकवाद की जड़ में धार्मिक उन्माद है इसी वजह से देश में आतंकवाद फलता-फूलता है।