लगभग दो हफ्ते के आराम के बाद टीम इंडिया आज उतरने जा रही है ज़िम्ब्बावे के रण में। 5 मैचों की सीरीज में युवा टीम के लिए बहुत कुछ है दांव पर अलावा इसके टीम इंडिया के सामने है दो साल पहले पिछले दौरे पर मिली दो हार का बदला चुकाने का भी मौका।टीम इंडिया की नज़रें वऩडे में लगातार चौथी सीरीज़ जीतने पर हैं। पहले साल की शुरूआत में घर पर इंग्लैंड को वनडे सीर… लगभग दो हफ्ते के आराम के बाद टीम इंडिया आज उतरने जा रही है ज़िम्ब्बावे के रण में। 5 मैचों की सीरीज में युवा टीम के लिए बहुत कुछ है दांव पर अलावा इसके टीम इंडिया के सामने है दो साल पहले पिछले दौरे पर मिली दो हार का बदला चुकाने का भी मौका।टीम इंडिया की नज़रें वऩडे में लगातार चौथी सीरीज़ जीतने पर हैं। पहले साल की शुरूआत में घर पर इंग्लैंड को वनडे सीरीज़ में मात। इसके बाद चैम्पियंस ट्रॉफ़ी और वेस्टइंडीज़ में ट्राई सीरीज़ में लहराया तिरंगा लेकिन अब बिना कप्तान धोनी की टीम इंडिया अफ्रीकन सफारी पर ज़िम्बाब्वे से दो-दो हाथ करेगी। कुछ दिन आराम करके तरोताज़ा होकर ब्लू ब्रिगेड का कारवां हरारे पहुंच चुका है जहां पर यंग टीम लिखना चाहेगी जीत की इबारत।ज़िम्बाब्वे में टीम इंडिया को 5 वनडे मुकाबले खेलनें है जिसका पहला मुकाबला बुधवार को को हरारे में भारतीय समयनुसार दोपहर साढ़े 12 बजे शुरू होगा। शुरूआती तीन मुकाबले में हरारे में ही होंगे और फिर 31 जुलाई और 3 अगस्त को टीम इंडिया का बुलवाओ में ज़िम्बाब्वे से भिड़ेगी। जाहिर है वनडे में नंबर वन टीम भारत पाचों वनडें में कमज़ोर ज़िम्ब्बावे का व्हाइट वॉश करना चाहेगी।यंगिस्तान का टेस्टज़िम्बाब्वे गई टीम इंडिया के सामने कई चैलेंज हैं और सबसे बड़ा चैलेंज है युवा खिलाड़ियों के सामने टीम कितनी युवा है इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि टीम की औसत उम्र महज़ 26 साल है। टीम के सबसे उम्रदराज़ खिलाड़ी अमित मिश्रा सिर्फ 30 साल के है और सबसे युवा जयदेव उन्दकत की उम्र 21 है। टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी सुरेश रैना है जिन्होंने 169 वनडे मुकाबले खेले हैं हालांकि कप्तान कोहली को नहीं लगता है कि अनुभव की कमी टीम की जीत के आड़े आएगी।आसान नहीं ज़िम्बाब्वे में जीतयुवा खिलाड़ियों के साथ ही टीम इंडिया तीन साल पहले ज़िम्बाब्वे वनडे ट्राई सीरीज़ खेलने गई थी लेकिन साल 2010 की इस ट्राई सीरीज़ में सुरेश रैना की कप्तानी में टीम फाइनल तक नहीं पहुंच पाई थी। खास बात ये थी कि इस सीरीज़ में भारत को दोनों लीग मुकाबलों में ज़िम्बाब्वे ने शिकस्त दी थी। भारत और ज़िम्बाब्वे के बीच वनडे इतिहास में कुल 51 मुकाबले जिसमें 39 हार बार भारत ने जबकि 10 बार ज़िम्बाब्वे ने बाज़ी मारी है जबकि ज़िम्बाब्वे में हुए 12 में से 4 मुकाबले में मेज़बान और 8 मैच भारत ने जीते हैं।जाहिर जिम्बाब्वे की टीम भले ही कमज़ोर हो लेकिन मेहमान यंगिस्तान घर पर मेजबान टेलर की टीम को हल्के में नहीं ले सकती।

By parshv