केंद्र सरकार खाने की गांरटी देकर आने वाले चुनावों से पहले वोट की गांरटी के लिए मशक्कत कर रही है। मानसून सत्र के दूसरे दिन संसद में आज खाद्य सुरक्षा अध्यादेश पर चर्चा हो सकती है। समाजवादी पार्टी की बेरुखी के बाद अब सारा दारोमदार BSP और JDU के समर्थन पर टिका है।

मॉनसून सत्र के दूसरे दिन खाद्य सुरक्षा अध्यादेश पर सभी की निगाहें हैं। पहले ही दिन सरकार न…

मानसून सत्र: खाद्य सुरक्षा अध्यादेश पर होगी चर्चा

केंद्र सरकार खाने की गांरटी देकर आने वाले चुनावों से पहले वोट की गांरटी के लिए मशक्कत कर रही है। मानसून सत्र के दूसरे दिन संसद में आज खाद्य सुरक्षा अध्यादेश पर चर्चा हो सकती है। समाजवादी पार्टी की बेरुखी के बाद अब सारा दारोमदार BSP और JDU के समर्थन पर टिका है।

मॉनसून सत्र के दूसरे दिन खाद्य सुरक्षा अध्यादेश पर सभी की निगाहें हैं। पहले ही दिन सरकार ने खाद्य सुरक्षा अध्यादेश को लोकसभा में पेश कर सरकार ने अपनी मंशा साफ कर दी है लेकिन असली सवाल ये है कि आखिर सरकार इसे पास कैसे कराएगी। इसे लेकर एसपी और बीजेपी का रुख तल्ख है लेकिन केंद्र सरकार को वक्त बे वक्त मदद करने वाली बीएसपी के साथ ही इस बार यूपीए सरकार को जेडीयू के समर्थन की भी उम्मीद है।

दरअसल, चुनावी सीजन में खाद्य सुरक्षा को लेकर सभी की अपनी मजबूरी है। कांग्रेस इस अध्यादेश के जरिए वोटों की बारिश चाहती है तो वहीं एसपी किसानों के हितों के जरिए अपना हित साध रही है। बीजेपी ने इसे कांग्रेस की चुनावी चिंता करार दिया है।

दरअसल इस अध्यादेश को इस साल के अंत तक 5 राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों और 2०14 में होने वाले आम चुनाव में गेमचेंजर स्कीम माना जा रहा है। इस अध्य़ादेश के जरिए देश की 1.2 अरब आबादी के 67 प्रतिशत को बाजार दर से काफी कम कीमत पर रियायती खाद्यान्न मुहैया करने का लक्ष्य है।

सरकार ने बजट सत्र के दौरान खाद्य सुरक्षा विधेयक को पेश किया था लेकिन सदन ने चल पाने के कराण अब सरकार ने जल्दबाजी में इसे खाद्य सुरक्षा अध्यादेश का रूप दिया है और सरकार इसपर ससंद की मंजूरी चाहती है।

By parshv