पुंछ सेक्टर में पाकिस्तान की सेना और आतंकियों द्वारा भारतीय सेना के 5 जवानों की हत्या करने के बाद कांग्रेस नेता अजय माकन राजनीति करना नहीं भूले। माकन ने ट्विटर पर आंकड़े प्रस्तुत करने हुए कहा है कि एनडीए के कार्यकाल की अपेक्षा यूपीए के समय में इस तरह की घटनाओं में कमी आई है।
एक तरफ पूरा देश पुंछ में भारतीय सैनिकों की शहादत का जवाब मांग रहा है और…

पुंछ सेक्टर में पाकिस्तान की सेना और आतंकियों द्वारा भारतीय सेना के 5 जवानों की हत्या करने के बाद कांग्रेस नेता अजय माकन राजनीति करना नहीं भूले। माकन ने ट्विटर पर आंकड़े प्रस्तुत करने हुए कहा है कि एनडीए के कार्यकाल की अपेक्षा यूपीए के समय में इस तरह की घटनाओं में कमी आई है।
एक तरफ पूरा देश पुंछ में भारतीय सैनिकों की शहादत का जवाब मांग रहा है और दूसरी तरफ सरकारी नुमाइंदे इस मुद्दे पर कोरी सियासत में मगन हैं। कुछ ऐसा ही बयान दिया है कांग्रेस नेता अजय माकन ने जिसपर विपक्ष के तेवर तल्ख हैं।
माकन ने ट्विटर पर लिखा है कि बीजेपी आज इन जवानों की शहादत पर सवाल खड़े कर रही है लेकिन जब साल 2001 में बांग्लादेशी बोर्डर पर बीएसएफ के 16 जवानों की हत्या कर दी गई थी तब एनडीए सरकार क्यों खामोश रही थी। इतना ही नहीं माकन ने एनडीए शासन में 1998 से 2004 के बीच जम्मू-कश्मीर में आतंकी वारदात और उसमें मारे गए लोगों की तादाद गिनवाते हुए कहा है कि उस मुकाबले यूपीए का रिकॉर्ड कहीं ज्यादा बेहतर है।
माकन यहीं नहीं रुके और उन्होंने एनडीए के शासन में पाकिस्तान के साथ आगरा और लाहौर वार्ता के साथ कारगिल युद्ध के लिए भी बीजेपी को कठघरे में खड़ा किया है।