भारत के गुस्से को देख अब भले ही नवाज शरीफ रंग बदलते और दोस्ती का राग अलापते दिख रहे हैं, लेकिन हकीकत यही है कि भारतीय सैनिकों पर पाकिस्तान के हमले ने। नवाज शरीफ के नापाक ‘कश्मीर प्लान’ पर मुहर लगा दी है। P7 ने कई दिनों पहले ही नवाज के नापाक कश्मीर प्लान का खुलासा किया था।27 जुलाई को P7 न्यूज ने नवाज के कश्मीर प्लान की खबर देश और दुनिया को दिखाई थीऔ…
भारत के गुस्से को देख अब भले ही नवाज शरीफ रंग बदलते और दोस्ती का राग अलापते दिख रहे हैं, लेकिन हकीकत यही है कि भारतीय सैनिकों पर पाकिस्तान के हमले ने। नवाज शरीफ के नापाक ‘कश्मीर प्लान’ पर मुहर लगा दी है। P7 ने कई दिनों पहले ही नवाज के नापाक कश्मीर प्लान का खुलासा किया था।27 जुलाई को P7 न्यूज ने नवाज के कश्मीर प्लान की खबर देश और दुनिया को दिखाई थीऔर अब पाकिस्तान का भारतीय सैनिकों पर हमले ने…ये जाहिर कर दिया कि हमारी खबर पक्की थी।भारतीय सैनिकों पर हमला करने वाले पाकिस्तानी सैनिकों के साथ आतंकवादी भी शामिल थे। मतलब साफ है कि ये हमला पाकिस्तान की सोची समझी रणनीति का हिस्सा है। और भविष्य में भी भारत को ऐसे हमलों को लेकर सतर्क रहना है। दरअसल शरीफ ने कश्मीर को लेकर एक नई रणनीति बनायी है।शरीफ ने अपने प्रधानमंत्री दफ्तर में ही एक ‘कश्मीर सेल’ बनाया है, इस सेल का काम कश्मीर मसले पर नई रणनीति बनाना है। ये ‘कश्मीर सेल’ सीधे नवाज शरीफ को ही रिपोर्ट कर रहा है। कहते हैं कि ये सेल नवाज शरीफ को भारत विरोधी प्रचार से जुड़ी गतिविधियों के बारे में बताएगा और उनसे निर्देश भी लेगा।शरीफ ने अपने खास सलाहकारों को कश्मीर मसले को प्राथमिकता देने को कहा है, लेकिन अपने मंत्रियों को हिदायत दी है कि वो कश्मीर मसले पर बात करने से बचें। सितंबर में न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ होने वाली बैठक में नवाज शरीफ अपनी उदारवादी छवि पेश करना चाहते हैं।खबर तो यहां तक है कि आईएसआई को कश्मीर पर प्रचार करने के लिए ब्रसेल्स, लंदन, वॉशिंगटन, न्यूयॉर्क और टोरंटो में कश्मीर सेल को सक्रिय करने के लिए कहा गया है।यही नहीं, जेहादी संगठनों से कहा गया है कि वे भारत विरोधी अपने प्रचार को जारी रखें। लेकिन पाकिस्तान की सरकार को इससे पूरी तरह अलग रखें,ताकि सरकार को खंडन में आसानी हो सके…।अब भले ही पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, दोस्ती के लाख दावे करें, लेकिन कश्मीर पर उनके प्लान की पोल खूल चुकी है। अब इंतजार इस बात का है कि आखिर हम पाकिस्तान को करारा जवाब कब देंगे और कैसे देंगे?