जोधपुर। यौन दुराचार के मामले में जेल की हवा खा रहे आसाराम की राजदार और छिंदवाड़ा गुरूकुल की वार्डन शिल्पी ने बुधवार को जोधपुर जिला एवं सत्र न्यायालय में सरेंडर कर दिया। शिल्पी के सरेंडर के बाद अब आसाराम मामले से बड़ा पर्दा उठने की उम्मीदें लगाई जा रही हैं।

शिल्पी उर्फ संचिता गुप्ता ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई थी। बुधवार को हाईकोर्ट की न्यायाधीश निर्मलजीत कौर के समक्ष शिल्पी की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई और दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। इसके बाद उसने जोधपुर जिला एवं सत्र न्यायालय(ग्रामीण) में सरेंडर कर दिया। इसके बाद शिल्पी ने जिला एवं सत्र न्यायालय में सरेंडर कर दिया। 

उल्लेखनीय है कि नाबालिग से आश्रम की कुटिया में दुष्कर्म के मामले में आसाराम सहित सभी पांचों आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। शिल्पी को पुलिस मामले की छानबीन में अहम कड़ी मान रही है और अब शिल्पी से पूछताछ के बाद आसाराम के राज बेपर्दा होने की उम्मीद है। पुलिस हिरासत में अदालत में कागजी कार्यवाही करने के बाद उसे पुलिस अपने हिरासत में ले लेगी। जिला एवं सत्र न्यायालय में न्यायाधीश मनोज कुमार व्यास इस मामले की सुनवाई कर रहे है। 

By parshv