पंद्रह साल से दिल्ली की गद्दी पर काबिज शीला दीक्षित को सीधी चुनौती देकर पटखनी देने वाले अरविंद केजरीवाल का अगला निशाना भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी हैं।

आम आदमी पार्टी (आप) के कोर ग्रुप में केजरीवाल के मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने की संभावना पर गंभीर विचार किया जा रहा है। पांच महीने बाद होने वाले लोकसभा चुनाव तक उपजे राजनीतिक हालात के चलते अगर केजरीवाल ऐसा नहीं कर सके तो पार्टी किसी दमदार उम्मीदवार को मोदी के खिलाफ खड़ा करेगी।

आम आदमी पार्टी दिल्ली में दोबारा चुनाव की संभावना से भले घिर गई हो पार्टी के कोर ग्रुप के सदस्य लोकसभा चुनावों में भी धमाकेदार इंट्री मारने की योजना पर लगातार काम कर रहे हैं। हालांकि आप अभी अपने पत्ते नहीं खोलना चाहती।

लेकिन दिल्ली विधानसभा चुनाव में देश भर से अपनी पहल पर आप की मदद के लिए आए सैकड़ो स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं के उत्साह और गुस्साई जनता के समर्थन से गदगद हो कर पार्टी संसद का रास्ता भी देखने लगी है।

इनका लक्ष्य है कि खासतौर पर महानगरों में मोदी जैसे बड़े कद के नेताओं को चुनौती देते हुए लोकसभा में 40 से 50 सीटों पर टक्कर देने वाले उम्मीदवार उतारे जाएं।

आप की नजर खास तौर पर उत्तर भारत के बड़े शहरों और महानगरों पर है जहां की जनता भ्रष्टाचार से ज्यादा त्रस्त और सरकार के क्षुब्ध हैं।

कोर ग्रुप इंटरनेट के जरिए आप की सदस्यता के लिए आए आवेदनों को छांट रही है। शुरुआती रणनीति के मुताबिक आप महानगरों के हरेक महत्वपूर्ण सीट पर अपने 1500 समर्पित कार्यकर्ताओं को तैनात करेगी। इनका मकसद होगा कम से कम 4000 वोटरों को घर से बाहर निकाल बूथ तक ले जाना।

कोर ग्रुप से नजदीकी रखने वाले सूत्र के मुताबिक पार्टी करीब दो सौ सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़ा करने की योजना पर काम कर रही है।

इसके लिए मुंबई, बंगलुरू, पुणे, अहमदाबाद, गांधीनगर, लखनऊ, कोलकाता, पटना, हैदराबाद जैसे शहरों में संभावित उम्मीदवारों की फेहरिस्त भी तैयार की जा रही है। सूत्र के मुताबिक इस फेहरिस्त में अबतक करीब 150 लोगों के नाम दर्ज किए जा चुके हैं।

By parshv