नई दिल्ली। ग्लोबल रिटेल दिग्गज वॉलमार्ट के खिलाफ अमेरिकी प्रशासन की जांच में कोई गड़बड़ी पाए जाने पर भारत सरकार भी कंपनी के खिलाफ नए सिरे से कार्रवाई करेगी। सरकार ने कंपनी की लॉबिंग गतिविधियों को लेकर एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) में यह बात कही है। अमेरिकी प्रशासन वॉलमार्ट के खिलाफ विदेश में भ्रष्ट आचरण के आरोपों की जांच कर रहा है।
रिपोर्ट में सरकार ने कहा कि वह अमेरिका में वॉलमार्ट के खिलाफ चल रही जांच की लगातार निगरानी कर रही है। यदि कंपनी के खिलाफ भ्रष्टाचार और रिश्वत देने के आरोप सही पाए गए तो कंपनी के खिलाफ नए सिरे से कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस मामले में पिछले साल एक सदस्यीय जांच समिति वॉलमार्ट को क्लीन चिट दे चुकी है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि वॉलमार्ट पर लॉबिंग या भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने के कोई सबूत नहीं मिले हैं।
राज्यसभा में वॉलमार्ट पर 438 पेज की जांच रिपोर्ट के साथ पेश की गई इस एटीआर में कहा गया कि प्रवर्तन निदेशालय अभी सेडार सपोर्ट सर्विसेज में वॉलमार्ट के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की जांच कर रहा है। कंपनी पर इस मामले में विदेशी विनिमय प्रबंधन कानून 1999 और अन्य कानूनों के उल्लंघन के आरोप लगे हैं। जांच समिति ने कहा था कि वह विभिन्न मसलों पर अमेरिकी कंपनी द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचनाओं से संतुष्ट नहीं है। कंपनी ने भारत केंद्रित मसलों को लेकर की गई लॉबिंग पर खर्च हुई रकम की भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
विदेश मंत्रालय वाशिंगटन में भारतीय दूतावास के जरिये इस मामले से जुड़ी गतिविधियों पर लगातार निगाह रख रहा है।